खबर शहर , एमएलसी चुनाव: हंगामे और पुनर्मतदान ने बढ़ाई टेंशन, विधानसभा 2027 के लिए पुलिस को मिला सबक – INA

विधानसभा से पहले हुए विधान परिषद चुनाव ने सियासी दलों के साथ पुलिस प्रशासन की तैयारियों की भी परीक्षा ली। गड़बड़ी की शिकायतों के बाद आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए सोमवार को तीन केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ। मतगणना में भी प्रत्याशियों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए। नवीन गल्ला मंडी स्थल पर भी रात तक हंगामे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। इससे आगामी चुनाव की टेंशन अफसरों में बढ़ने लगी है।

मतदान और मतगणना के लिए राजनीतिक दलों के साथ ही पुलिस प्रशासन ने भी प्रभावी तैयारी की थी। लखनऊ स्तर से बैठकों का दाैर चला। मतदान शुरू हुआ तो पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगने लगे। कई केंद्रों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के बूथों पर फर्जी मतदान के आरोप लगाए गए। तनावपूर्ण माहाैल होने पर फोर्स बढ़ाना पड़ा। पूरे मामले में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया। इन स्थानों पर पुनर्मतदान कराया गया।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर सत्ताधारी दल के साथ मिलीभगत और भाजपा समर्थकों पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। हालांकि भाजपा ने आरोपों को खारिज कर दिया। मामले में पुलिस-प्रशासनिक के 6 कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया। मंगलवार को मतगणना में दिनभर हंगामे के बाद रात में मारपीट के आरोप ने पुलिस की टेंशन बढ़ा दी। यह तब हुआ जब 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और 200 से अधिक पीएसीकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे। जानकारों की मानें तो ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव पुलिस प्रशासन के लिए चुनाैती ही बनेगा।


Credit By Amar Ujala

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