Crime- ज्ञानवापी मुकदमा: वादमित्र के दस्तावेज की प्रमाणिकता पर सवाल, अदालत में रखी दलील; बहस कैसे संभव? -#INA

ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के मुकदमे में वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने और दिवंगत वादी हरिहर पांडेय की पुत्रियों को पक्षकार बनाए जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश द्वितीय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में सुनवाई हुई। लंबित पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने वादमित्र की ओर से दाखिल दस्तावेज की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए।




उन्होंने कहा कि दस्तावेज अप्रमाणित हैं और साक्ष्य अधिनियम के दायरे में नहीं आते। ऐसे में इन्हें पत्रावली पर शामिल करने का औचित्य और इनके आधार पर बहस की वैधानिकता स्पष्ट होनी चाहिए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 31 अक्तूबर की तारीख तय की है। 

Credit By Amar Ujala

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