यूपी – हाथरस: गवाहों के मुकरने पर अदालत ने अपनाया सख्त रुख, वादी पर होगी कार्रवाई, चारों आरोपी बरी – INA

हाथरस की विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के कृष्णा नगर से जुड़े मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में गवाहों के मुकरने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने वादी के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने का आदेश जारी किया।

मामला थाना हाथरस गेट अंतर्गत कृष्णा नगर का है। वादी अजय कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 27 फरवरी 2024 की शाम लगभग छह बजे वह दुर्गेश वाटिका के पास खड़ा था। आरोप था कि वहां मौजूद विनय वर्मा ने उसे जातिसूचक शब्द कहे। विरोध करने पर विनय ने अपने भाइयों व साथियों को बुला लिया और मारपीट की।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 452, 323, 504, 506 भादवि व एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। विशेष सत्र परीक्षण के दौरान अदालत में वादी ने अपने मुख्य बयानों में कहा कि अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी और उसने बिना पढ़े ही तहरीर पर हस्ताक्षर कर दिए थे।

वहीं अन्य गवाह भी भी आरोपियों को पहचानने से मुकर गए। अभियोजन पक्ष की ओर से तीनों गवाहों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। इसके चलते चारों आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायालय ने वादी के खिलाफ धारा 383(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई के लिए अलग से नोटिस जारी करने और यदि नियमानुसार उसने कोई सहायता राशि प्राप्त की है तो उसे सरकार को वापस करने का आदेश जारी किया है।


Credit By Amar Ujala

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