अररिया कजरा बांध की मरम्मत के लिए सीएम नीतीश कुमार से मिलेगा किसानों का एक शिष्टमंडल

मिंटू राय संवाददाता अररिया

अररिया के फारबिसगंज हरिपुर के समीप टूटे कजरा बांध की मरम्मत नहीं होने तथा हर साल बड़े पैमाने पर हो रही फ़सल का नुकसान झेल रहे आधा दर्जन पंचायत के किसान जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व प्रसाशनिक उपेक्षा के कारण त्रस्त है। सांसद व विधायक के कई बार दौरा व निरीक्षण हवा हवाई साबित होकर रह गई। बांध की मरम्मत तो दूर अबतक एक टोकरी मिट्टी भी नहीं डाला गया है।

सोमवार को क्षेत्र के दर्जनों किसान अपनी इस समस्या को लेकर डाक मुसहरी शिव मंदिर में एकत्रित हो किसानों का एक शिष्टमंडल बनाकर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या रखने हेतु विमर्श किया। पूर्व विधायक लक्ष्मीनारायण मेहता व प्रमुख ओमप्रकाश पासवान के नेतृत्व में उपस्थित सात गांव के प्रभावित किसानों ने बताया की हर साल लाखों का नुकसान झेलना पड़ता है। आसपास के पूरे क्षेत्र के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है। इसके कारण फसलों का नुकसान, जान-माल की हानि और बुनियादी ढांचे का भारी नुकसान होता है।

खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है, जिससे हम किसानों के सालभर की मेहनत व्यर्थ हो जाती है। बाढ़ में मवेशियों की जान जाने की घटनाएं होती हैं। बाढ़ के पानी से जलजनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, और टाइफाइड फैलने का खतरा रहता है। प्रमुख ओमप्रकाश पासवान ने बताया की मनरेगा से बांध की मरम्मत के लिए कई बार जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र माँगा गया लेकिन नहीं मिला। इतनी बड़ी समस्या के बावजूद अधिकारी लालफीताशाही रवेया अपनाते है। विधायक सांसद द्वारा पहल नहीं किया जाता है। किसान सुशील साह ने बताया की आठ साल से बांध की समस्या से हमलोग तबाह है।

किसानों ने निर्णय लिया की क्षेत्र के प्रभावित हजारों किसानों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन के साथ एक शिष्टमंडल बनाकर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या को रख समाधान की मांग करेंगे। बैठक में सचिदानंद मेहता, रामेश्वर पासवान, प्रदीप मेहता, नीरज मेहता, रामदेव यादव, शंभू पासवान, नरेश मेहता, विजय यादव आदि मौजूद थे।

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