सीजी- बालोतरा: उप जिला अस्पताल की लैब में लगी भीषण आग, ग्रामीणों ने बाल्टियों से बुझाई लपटें; टल गया बड़ा हादसा – INA

बालोतरा जिले के धोरीमन्ना स्थित उप जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार देर रात अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब अस्पताल की लैब बिल्डिंग के एक कमरे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में कमरे के भीतर आग की लपटें नजर आने लगीं। आग की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को सूचना देने के साथ ही अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
रात 10:18 बजे दिखा धुआं, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 10:18 बजे की बताई जा रही है। अस्पताल परिसर की लैब बिल्डिंग के कमरे से धुआं निकलता देखकर आसपास के लोगों ने स्थिति को भांपा। आग बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने समय गंवाए बिना बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन को भी घटना की जानकारी दी गई।
एक घंटे तक बाल्टियों से पानी डालते रहे ग्रामीण
लैब के कमरे में लगी आग को नियंत्रित करना आसान नहीं था। ग्रामीण लगातार पानी लाकर आग पर डालते रहे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते आग को लैब के कमरे से बाहर फैलने से रोक दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरुआती समय में आग पर काबू पाने का प्रयास नहीं किया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लैब जिस भवन का हिस्सा है, वहां आग के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की आशंका बनी हुई थी। समय रहते आग को सीमित कर देने से अस्पताल की अन्य जगहों को नुकसान से बचाया जा सका।
फर्नीचर और लैब उपकरण जले, नुकसान का आकलन बाकी
आग से लैब रूम में रखा फर्नीचर और अन्य सामान जलकर खराब हो गए। लैब में मौजूद उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। आग बुझाने के बाद कमरे के अंदर काफी सामान जली हुई हालत में मिला। हालांकि नुकसान का वास्तविक आकलन संबंधित अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच चिंता की स्थिति रही। आग की लपटों को देखते हुए सबसे बड़ी चुनौती इसे अस्पताल के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने से रोकने की थी। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास करते हुए पानी की बाल्टियों से आग पर लगातार काबू पाने की कोशिश की और अंततः आग को सीमित करने में सफलता हासिल की।
रात 10:18 बजे अस्पताल की लैब से उठा धुआं। फिलहाल आग लगने का निश्चित कारण सामने नहीं आया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि आग वास्तव में किस कारण से लगी, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद अस्पताल की लैब में हुए नुकसान और आग लगने के कारणों को लेकर जांच की जरूरत है। साथ ही यह भी देखा जाना जरूरी होगा कि अस्पताल परिसर में आग से बचाव के लिए उपलब्ध व्यवस्थाएं किस स्थिति में हैं और आपात स्थिति में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन मौके पर मौजूद थे या नहीं।
ग्रामीणों की तत्परता से अस्पताल तक नहीं पहुंची आग
इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सक्रियता दिखाई। धुआं दिखाई देने के बाद सूचना देने के साथ ग्रामीणों ने स्वयं आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इससे आग को लैब से . अस्पताल भवन के अन्य हिस्सों तक पहुंचने से रोकने में मदद मिली।
फिलहाल आग से किसी व्यक्ति के झुलसने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। आग के कारण लैब में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी और घटना के वास्तविक कारण का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।