अमेरिकी सैनिक को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी:65 साल में पहला ऐसा मामला; धार्मिक नारा लगाकर 13 लोगों को मार दिया था- INA NEWS

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व अमेरिकी सैनिक निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा देने का आदेश दिया है। पेंटागन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था में 1961 के बाद यह पहली बार होगा जब किसी पूर्व सैनिक को मौत की सजा दी जा रही है। हसन ने 2009 में टेक्सास के सैन्य अड्डे पर धार्मिक नारा लगाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। हमले के बाद माना- जिहाद के लिए किया 5 नवंबर 2009 को सेना के मनोचिकित्सक मेजर निदाल हसन निजी पिस्तौल लेकर फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पहुंचा और सैनिकों व अन्य लोगों पर अचानक गोलीबारी कर दी। यह अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी थी। उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में युद्ध लड़ रहा था। हसन ने बाद में कहा कि वह इन युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानता था और जिहाद के लिए हमला किया था। गोलीबारी में हसन भी घायल हुआ और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। सैन्य अदालत में उसने हत्याओं की बात स्वीकार की। 2013 में उसे पहले से हत्या की योजना बनाने और हत्या की कोशिश के कुल 45 मामलों में दोषी ठहराया गया। हसन को कंसास के फोर्ट लीवेनवर्थ की सैन्य डेथ रो में रखा गया है। उसने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने उसने कहा कि वह चाहता था कि हमले में उसकी भी मौत हो जाती, ताकि वह शहीद बन सके। उसका कहना था कि मौत की सजा मिलने पर भी वह खुद को शहीद मानेगा। हमले से पहले कट्टर हुए थे धार्मिक विचार मेजर हसन का जन्म वर्जीनिया के अर्लिंगटन में फिलिस्तीनी मूल के मुस्लिम माता-पिता के घर हुआ था। उसने वर्जीनिया टेक में पढ़ाई की और 1997 में सैन्य मेडिकल स्कूल की ट्रेनिंग शुरू की। हमले से पहले के कुछ सालों में इस्लाम को लेकर उसके विचार कट्टर होते गए थे। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने अपने बयान में हसन के जिहादी मकसद का जिक्र करते हुए उसे ‘दोषी आतंकवादी’ बताया। हालांकि, हसन पर आतंकवाद से जुड़ी धाराओं में मुकदमा नहीं चलाया गया था। सेना ने जानबूझकर उस पर आतंकवाद से जुड़े आरोप नहीं लगाए थे।

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button