बड़ी खबर: छापेमारी की तस्वीर से उठा विवाद, सेवानिवृत्त अधिकारी की मौजूदगी पर सवाल

देहरादून/रुड़की। सविन बंसल द्वारा रुड़की क्षेत्र में की गई एक छापेमारी की तस्वीर सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर में सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल भी नजर आ रहे हैं, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई की फोटो वायरल होते ही लोगों ने यह सवाल उठाना शुरू कर दिया कि जब राजेश कपिल को सेवा विस्तार नहीं मिला और वे पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो आखिर उन्हें प्रशासनिक छापेमारी में किस हैसियत से शामिल किया गया।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल बताते हुए जवाब मांग रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अगर कोई अधिकारी सेवा में नहीं है तो उसे सरकारी कार्रवाई का हिस्सा बनाना नियमों के खिलाफ हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी रुड़की क्षेत्र के एक गोदाम में की गई थी, जहां टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की। हालांकि तस्वीर सामने आने के बाद अब चर्चा का केंद्र छापेमारी नहीं बल्कि उसमें मौजूद सेवानिवृत्त अधिकारी बन गए हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की तरफ से स्पष्टीकरण आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छापेमारी के दौरान राजेश कपिल की मौजूदगी किस आधार पर थी।अब सभी की नजर जिलाधिकारी के जवाब पर टिकी है।





