सीजी- छत्तीसगढ़: आदिवासी बहुल संभाग बस्तर से सरगुजा तक मजबूत होगी रेल सेवा; सरकार का तीन रेलवे प्रोजेक्ट पर फोकस – INA

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल संभाग बस्तर और सरगुजा में रेल सेवायें और बेहतर होंगी। इस लेकर प्रदेश के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर चर्चा की। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं और लंबित रेल लाइनों की प्रगति पर पर चर्चा की। 

इस दौरान सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि को लेकर महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास और क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट पर फोकस

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी । ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की समीक्षा 

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। रेलवे निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

तीन रेलवे प्रोजेक्ट पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं -सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर), अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) को जल्द स्वीकृति देने के लिये निवेदन किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दिया।

बैठक में किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया, ताकि बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत हो सके। 


Credit By Amar Ujala

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