सीजी- सीजी: गोंडी में बच्चों से संवाद, डिजिटल शिक्षा पर जोर; शिक्षा मंत्री बोले- काउंसलिंग से मिलेगी भविष्य की दिशा – INA

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान पुसनार स्थित पोटा केबिन आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया और जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिला कार्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने डिजिटल शिक्षा, कैरियर काउंसलिंग, खेल, स्वास्थ्य परीक्षण तथा विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान कलेक्टर विश्वदीप ने जिले में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी मंत्री को दी। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं की पहुंच तथा विद्यालयीन गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने जिले के स्कूलों एवं आवासीय विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, डिजिटल संसाधनों और विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सभी विकासखंडों के बीईओ एवं आवासीय विद्यालयों के अधीक्षक उपस्थित रहे।

पोटा केबिन में बच्चों से गोंडी में किया संवाद

मंत्री यादव ने पुसनार पोटा केबिन का निरीक्षण कर बच्चों की पढ़ाई, भोजन, शयनकक्ष, भोजनकक्ष एवं स्वच्छता व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने ब्रिज कोर्स के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से मुलाकात कर उनकी पढ़ाई और दिनचर्या की जानकारी ली। बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने आत्मीयता के साथ गोंडी भाषा में संवाद भी किया। उन्होंने अनुदेशकों से बच्चों की दैनिक दिनचर्या में प्रार्थना, प्रेरणा गीत, योग, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के संचालन की जानकारी ली तथा मासिक पाठ्यक्रम पर चर्चा की। शयनकक्ष एवं भोजनकक्ष का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता एवं बच्चों की सुविधाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

पढ़ाई के साथ संस्कार और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर

विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री यादव ने पोटा केबिन अधीक्षकों से संस्थाओं के संचालन एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्धारित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ प्रतिदिन प्रार्थना, प्रेरणा गीत, महापुरुषों की जीवनी, खेलकूद, योग एवं संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियां भी संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक एवं अधीक्षक विद्यालय और बच्चों को अपना मानकर जिम्मेदारी से कार्य करें। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व, संस्कार और प्रतिभा के विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

डिजिटल शिक्षा और कैरियर काउंसलिंग को मिले प्राथमिकता

मंत्री ने हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एलईडी स्क्रीन, लर्निंग बोर्ड, प्रोजेक्टर एवं स्मार्ट टीवी के माध्यम से निर्धारित कालखंड में कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करने को कहा। डिजिटल संसाधनों में खराबी होने पर स्थानीय निधि से आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने सभी विद्यालयों में यू-डाइस कोड के अंतर्गत विद्यार्थियों की प्रविष्टि सितंबर माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने को कहा, जिससे विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।

मंत्री यादव ने हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में कैरियर काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाए, ताकि वे अपने भविष्य के लिए बेहतर विकल्प चुन सकें।

ये भी पढ़ें-  सीजी: छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी जल संरक्षण मॉडल राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत, देश में प्रथम

हर बच्चे को खेल से जोड़ने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश

मंत्री ने सभी स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक विद्यार्थी को किसी न किसी खेल से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का हर माह स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।उन्होंने स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए पारदर्शिता एवं ईमानदारी से करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग विद्यार्थियों की सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में होना चाहिए।

चार स्कूलों में गठित होंगे बैंड दल

मंत्री यादव ने बताया कि जिले के चार स्कूलों में बैंड दल के गठन के लिए विभाग द्वारा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्काउट एवं रेडक्रॉस की गतिविधियों में शामिल बच्चों का चयन कर उन्हें बैंड प्रशिक्षण देने तथा उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे एवं डीईओ राजेश पांडे ने विभागीय व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने तथा मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के समयबद्ध क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या विशेष रूप से उपस्थित थे।


Credit By Amar Ujala

Back to top button