सीजी- सुबह रोज की तरह ऑफिस पहुंचे: लंच के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत; एनआईसी कर्मचारी की मौत से कलेक्ट्रेट में पसरा मातम – INA

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) में पदस्थ कर्मचारी लक्ष्मी नारायण पटेल का मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही कलेक्टर कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी और अधिकारी उनके निधन से स्तब्ध नजर आए।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नारायण पटेल पिछले करीब चार वर्षों से जिले में और एक वर्ष से कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी में पदस्थ थे। मंगलवार सुबह वे रोज की तरह कार्यालय पहुंचे और अपने कार्यों का निर्वहन किया। दोपहर में लंच के लिए वे अपने घर चले गए। घर पहुंचने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के कर्मचारियों ने इलाज कराने के लिए दी थी बेहतर सलाह
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से पटेल के पैर में सूजन की समस्या थी और इसका उपचार भी चल रहा था। चिकित्सकों ने उन्हें सोनोग्राफी कराने की सलाह दी थी। जिला अस्पताल में जांच के लिए नंबर मिलने में हो रही देरी को लेकर उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें किसी बेहतर चिकित्सा केंद्र में जांच कराने की सलाह भी दी थी। हालांकि, मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
कलेक्टर ने जताया दुख
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विजय दयाराम के. जिला अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पटेल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
बता दें कि, लक्ष्मी नारायण पटेल मूलतः बलौदा बाजार जिले के रहने वाले थे। उनके आकस्मिक निधन से एनआईसी सहित पूरे कलेक्टोरेट परिसर में शोक का माहौल है। सहकर्मियों ने बताया कि कुछ घंटे पहले तक वे सामान्य रूप से कार्यालय में कार्य कर रहे थे और किसी को भी उनके इस तरह अचानक चले जाने की उम्मीद नहीं थी। उनके निधन को सहकर्मियों ने कार्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।