Delhi-Ncr 97 मिनट का भाषण, कांग्रेस-TMC और DMK पर वार… विपक्ष पर पीएम के कितने प्रहार?- #INA

राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण.Image Credit source: PTI
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बुधवार को लोकसभा में पीएम नहीं बोल पाए लेकिन गुरुवार को राज्यसभा में खूब बोले. चुन-चुनकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया. उनकी गलतियां गिनाईं. हालांकि जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो विपक्ष हंगामा करने लगा लेकिन वो रुके नहीं. प्रधानमंत्री जब नॉनस्टॉप बोलते रहे तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. यानी उनका भाषण विपक्ष की गैरमौजूदगी में हुआ. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में पीएम मोदी 97 मिनट तक धाराप्रवाह बोले. कांग्रेस को चुभने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया. डेढ़ घंटे से भी ज्यादा लंबे भाषण में उनके कई कीवर्ड थे. जो बार बार आए. जैसे- नेहरू, इंदिरा गांधी, कब्र खुदेगी, घुसपैठ, शीशमहल, अर्बन नक्सल, ऑपरेशन सिंदूर, गद्दार, अटकाना, लटकाना, भटकाना, ट्रेड डील और शाही परिवार.
प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना जवाब भी दिया. राहुल पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज नरवने की किताब के जरिए सरकार से सवाल पूछ रहे हैं तो पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे सरहदों पर एक वक्त गोला बारूद और जूते की कमी हुआ करती थी. राहुल गांधी चीन का मुद्दा उठा रहे हैं तो पीएम मोदी ने पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के भाषणों का जिक्र किया.
ये कैसी मोहबब्त की दुकान है?
राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान खोलने का नारा बुलंद करते हैं तो पीएम ने कहा, मेरे लिए कब्र खोदने के नारे लगाए जा रहे हैं, ये कैसी मोहबब्त की दुकान है? राहुल अक्सर संविधान का मुद्दा उठाते रहे हैं. राज्यसभा में पीएम ने पूछा कि लोकसभा में अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई. ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है. उनको संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है.
पीएम मोदी के भाषण की रेंज में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं थी. कांग्रेस के साथ उन्होंने टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट और आम आदमी पार्टी तक के लिए शब्द बाण चलाए लेकिन सबसे ज्यादा टारगेट उन्होंने गांधी परिवार को ही किया. उन्होंने बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरा. तमिलनाडु की डीएमके को लेकर सवाल उठाए. सांसद सदानंद मास्टर के बहाने केरल में लेफ्ट सरकार के दौरान हुई बर्बरता जिक्र किया. भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने की बात कहते हुए असम का मुद्दा उठाया. इन सभी राज्यों में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन भााषण में उनका विशेष फोकस कांग्रेस और गांधी परिवार पर दिखा. वो नेहरू काल से शुरू होकर वर्तमान तक पहुंचा.
लोगों का अपमान करना कांग्रेस का स्वभाव
पीएम मोदी ने कहा, जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के लिए देश के लोग समस्या थे. देश के लोगों का अपमान करना कांग्रेस का स्वभाव है. इंदिरा गांधी ने जिस योजना आयोग की धज्जियां उड़ाई थीं उसके जन्मदाता उनके पिता नेहरू थे. कांग्रेस ने किसानों के साथ विश्वासघात किया. भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का विरोध किया. ये अपमान असम नहीं भूलेगा. कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने एक सांसद को गद्दार कहा. ये उनका सिख विरोध था.
उन्होंने कहा, मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं. उनको लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है. चोरी करना इनका पुश्तैनी धंधा है. महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया. प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार में किए गए काम को गिनाते हुए गांधी परिवार और कांग्रेस पर कटाक्ष किए.
आज देश नीति के आधार पर चल रहा
दो दिन पहले भारत ने अमेरिका के साथ डील की है. बजट सत्र में इसे लेकर भी विपक्ष कई सवाल पूछ रहा है. किसान हित से समझौते का आरोप लगा रहा है. इस डील के पीछे दबाव की बात कह रहा है. पीएम मोदी ने एक-एक आरोप का चुन-चुनकर जवाब दिया. उनका कहना था कि पहले की गलतियों को दुरुस्त करने में उन्हें काफी शक्ति लगानी पड़ी. उन्होंने कहा, आज देश नीति के आधार पर चल रहा है, जिससे विश्व का विश्वास बना है. आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ ट्रेड डील हुई. अमेरिका के साथ डील के बाद विश्व का भरोसा और बढ़ा है.
पीएम के कटाक्ष के बाद राहुल का पोस्ट
पीएम के कटाक्ष के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा, बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे, झूठ की शरण ले ली. खैर, जो उचित समझा, वही किया. राहुल गांधी की आखिरी लाइन कुछ वैसी ही है, जैसा कि जनरल मनोज नरवने की किताब में लिखा है.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी का जवाब विपक्ष की गैरमौजूदगी में हुआ. विपक्ष ने उनके भाषण का बहिष्कार कर दिया था. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दोनों सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है. ट्रेड डील समेत कई सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है इसलिए बायकॉट किया गया.
ओम बिरला ने क्या कहा?
उधर, ओम बिरला ने लोकसभा में पीएम का भाषण ना होने पाने पर जानकारी दी. उन्होंने कहा, उन्हें जानकारी मिली थी कि कांग्रेस के कई सदस्य प्रधानमंत्री के आसन पर पहुंचकर कोई अप्रत्याशित घटना कर सकते हैं. अगर ये घटना हो जाती तो लोकतांत्रिक परंपराओं को तार तार कर देती. घटना को टालने के लिए मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उनको सदन में नहीं आना चाहिए. सदन के नेता ने उपस्थित ना रहकर और मेरे आग्रह को मानकर सदन को अप्रिय दृश्य से बचाया.
निशिकांत दुबे के मुद्दे पर स्पीकर के दफ्तर में विपक्ष के सदस्यों के रवैये पर भी उन्होंने सवाल उठाए. ओम बिरला ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों ने कार्यालय में जो व्यवहार किया वो काले धब्बे की तरह था. यानी स्पीकर के शब्दों में कहें तो विपक्ष के प्लान की भनक उन्हें लग गई और वक्त रहते उन्होंने उसे नाकाम कर दिया.
प्रियंका गांधी का जवाब
इस मसले पर प्रियंका गांधी ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, आरोप बेबुनियाद और झूठा है. किसी ने पीएम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की. टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वो स्पीकर की बात से सहमत नहीं हैं. समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है.
रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष.
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