अपराधियों और आतंकियों के नए हथियार बने ड्रोन:जेलों में ड्रग्स सप्लाई, सैन्य ठिकानों की जासूसी कर रहे; दक्षिण एशिया के 7 देशों में नेटवर्क- INA NEWS

दक्षिण-पूर्व एशिया में सस्ते ड्रोन अपराधियों और आतंकी संगठनों के नए हथियार बन गए हैं। इनका इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी, जेलों में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने, सैन्य ठिकानों की जासूसी और गिरफ्तारी से बचने पुलिस पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र के सात देशों में ड्रोन से जुड़ी अवैध गतिविधियां सामने आई हैं। अगस्त 2026 तक दर्ज मामलों में 86% ड्रग्स तस्करी से जुड़े थे। थाईलैंड में 4,583 ड्रोन जब्त किए गए, जबकि मलेशिया में 2024 के दौरान ड्रोन से जेलों में ड्रग्स पहुंचाने के 55 मामले सामने आए। म्यांमार में सशस्त्र संगठनों ने 600 जगहों पर 2,100 ड्रोन हमले किए। वहीं, इंडोनेशिया से सीरिया में आतंकियों तक ड्रोन के पुर्जे पहुंचाने वाला नेटवर्क भी पकड़ा गया। स्टडी के अनुसार, चीन में बने ड्रोन और उनके पुर्जों की सामान्य कारोबारी नेटवर्क, यात्री विमानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दूसरे देशों में तस्करी की कोशिशें हुई हैं। टारगेट किलिंग: पोप पर हमले की साजिश रचने वालों के पास भी मिला मिनी ड्रोन इंडोनेशिया में सितंबर 2024 में पोप फ्रांसिस की यात्रा के दौरान हमले की साजिश में सात लोग गिरफ्तार हुए। इनके पास मिनी ड्रोन मिला था। एक अन्य मामले में इंडोनेशिया से सीरिया के हयात तहरीर अल-शाम से जुड़े लड़ाकों तक ड्रोन और उनके पार्ट्स भेजने की कोशिश सामने आई। उपकरण ऑनलाइन खरीदे गए थे। इन्हें खाने के सामान के साथ तुर्किये भेजा गया, जहां से सीरिया पहुंचाने की योजना थी। जांच में क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन के सबूत भी मिले। तस्करी: मलेशिया की जेल में कैदी सोशल मीडिया से मंगवा रहे ड्रग्स, ड्रोन से डिलीवरी मलेशिया की तापाह जेल में अगस्त 2024 में ड्रोन से ड्रग्स पहुंचाने का मामला सामने आया। जुलाई 2026 में सुंगाई उदांग जेल में तंबाकू पहुंचाने की कोशिश करते दो लोग पकड़े गए। इंडोनेशिया की बांडुंग जेल में जून 2025 में कैदी सोशल मीडिया के जरिए बाहर मौजूद सप्लायर से ड्रग्स खरीद रहे थे। सप्लायर ड्रोन से डिलीवरी कर रहा था। इंडोनेशिया की स्रागेन और नुसा कंबांगन जेलों के साथ फिलीपींस की जेलों में भी ऐसे मामले सामने आए। म्यांमार में बदली लड़ाई की रणनीति म्यांमार में सशस्त्र उग्रवादी संगठनों ने 2024 तक 600 से ज्यादा स्थानों पर 2,100 से अधिक ड्रोन हमले किए। ड्रोन ने वहां युद्ध की रणनीति बदल दी। सैन्य सरकार ने भी 2023 के आखिर से हवाई हमलों पर निर्भरता बढ़ाई। यहां जैमिंग से बचाने वाले यूरोपीय सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम भी पहुंच चुके हैं। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… यूरोप का दूसरा बड़ा हथियार सप्लायर बना भारत, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ₹8000 करोड़ के गोला-बारूद सप्लाई किए भारत वैश्विक हथियार निर्यातक के रूप में उभरा है। ट्रेड डेटा मॉनिटर के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने यूरोपीय देशों को 8,271 करोड़ रुपए के गोला-बारूद सप्लाई किए, जिनमें आर्टिलरी और मोर्टार शेल शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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