सीजी- माफी के बाद भी निशाने पर बाबा बागेश्वर: दिग्विजय ने कसा तंज, भूपेश बोले- केमिकल लोचा है, इनकी रेबीज की जांच हो – INA

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहराता जा रहा है। उनके बयान को लेकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शास्त्री को ‘मूर्ख’ कह दिया, तो उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने लोगों से कथावाचक के बहिष्कार की अपील की। वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर तीखा तंज कसते हुए उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं।

दिग्विजय बोले- ये कब से बाबा बन गए?

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इन दिनों ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकाल रहे हैं। इसी दौरान उनसे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कथावाचक को ‘मूर्ख’ बताते हुए कहा कि ये कब से बाबा बन गए। दिग्विजय सिंह के साथ मौजूद कंप्यूटर बाबा ने भी शास्त्री पर निशाना साधा। उन्होंने उन्हें ‘राजनीतिक बाबा’ बताया और कहा कि कुछ लोगों को राजनीति के हिसाब से . बढ़ाया जाता है, जबकि उनमें ज्ञान का अभाव है।

लक्ष्मण सिंह ने की बहिष्कार की अपील

दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने भी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने वीडियो जारी कर लोगों से कथावाचक का बहिष्कार करने की अपील की। वहीं दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह और उनका परिवार शास्त्री के अनुयायी बताए जाते हैं। इससे पहले जयवर्धन सिंह ने उन्हें राघौगढ़ किले में आमंत्रित भी किया था।

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भूपेश बघेल ने बताया केमिकल लोचा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा।’  बघेल ने . शास्त्री पर हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि हिंदू धर्म के ठेकेदारों की भावनाएं अब आहत क्यों नहीं हो रही हैं? उनकी इस टिप्पणी ने धार्मिक विवाद को राजनीतिक बयानबाजी का रूप दे दिया है।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 28 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े दिखाई देते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण के खड़े होने के अंदाज, बांसुरी बजाने और उनके स्वरूप का जिक्र करते हुए भगवान राम को सीधे और सरल बताया था। 

इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया। मथुरा के कुछ संतों ने भी इस तरह की तुलना पर आपत्ति जताई और कहा कि दोनों देवताओं के संदर्भ में ऐसी टिप्पणी भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।

विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य भगवान राम और श्रीकृष्ण में भेद करना या किसी की भावना आहत करना नहीं था। वे एक संत के पद की व्याख्या करते हुए भाव में यह बात कह गए थे। उन्होंने खुद को श्रीकृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वे क्षमा मांगते हैं। बहरहाल बाबा बागेश्वर की टिप्पणी अब राजनीतिक रंग लेती जा रही है और मौके की तलाश में रहने वाले इसे बखूबी भुना रहे हैं।


Credit By Amar Ujala

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