यूपी – यूपी: ‘आपदाओं की तरह घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजे की नीति बनाए सरकार’, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश – INA

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को प्राकृतिक आपदाओं के अलावा अन्य घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए नीति बनाने का निर्देश दिया है। लखनऊ के अलीगंज में 22 जून 2026 को हुए अग्निकांड से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।

वकील शिवेंदु पांडे की ओर से दायर जनहित याचिका में मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र, समयबद्ध और न्यायालय की निगरानी वाली समिति के गठन के निर्देश देने की मांग की गई है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) विनोद कुमार शाही ने अदालत को बताया कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई कर रही है।

न्यायालय की ओर से इस संबंध में राज्य सरकार की नीति के बारे में पूछे जाने पर अदालत को बताया गया कि मुआवजे के भुगतान की नीति केवल प्राकृतिक आपदाओं के लिए है, न कि वर्तमान घटना या भविष्य में होने वाली किसी अन्य घटना के लिए।

मुआवजे के निर्धारण के लिए कुछ मापदंड जरूरी, इसलिए नीति बने

न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मुआवजे के अनुदान के लिए एक नीति तैयार करे, जैसा कि वह प्राकृतिक आपदाओं के दायरे में न आने वाले विभिन्न मामलों में करती है। कोर्ट ने कहा हम यहां ऐसी घटनाओं का वर्णन नहीं करना चाहते क्योंकि वे असंख्य हैं। कभी-कभी पुलिस द्वारा अत्याचार किया जाता है और राज्य सरकार मुआवजा देती है। अ

न्य मामलों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम जैसे वैधानिक प्रावधान होते हैं। इसलिए, राज्य सरकार जब भी किसी वैधानिक प्रावधान के दायरे से बाहर मुआवजा देती है, तो उसे एक नीति बनानी चाहिए, जिसमें मुआवजे के निर्धारण और भुगतान के लिए कुछ मापदंड निर्धारित हों। यह भेदभाव और मनमानी से बचने के लिए आवश्यक है और यह भी सुनिश्चित करना है कि कम योग्य मामले में अधिक मुआवजा न मिले और इसके विपरीत भी न हो।


Credit By Amar Ujala

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