MP News: Pariksha Pe Charcha: ‘टीचरों की स्पीड तेज, छूट जाता सिलेबस’… जबलपुर के आयुष ने PM मोदी से पूछा सवाल, मिला ये जवाब – INA

परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण में मध्य प्रदेश के जबलपुर से आयुष तिवारी का चयन हुआ. आयुष प्रदेश से इकलौते छात्र थे, जिन्होंने दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद किया. छात्र आयुष तिवारी ने बताया कि यह उनके लिए बेहद गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि करीब साढ़े चार करोड़ विद्यार्थियों में से परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए केवल 36 छात्रों का चयन हुआ था, जिसमें मेरा नाम शामिल होना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं है. आयुष ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गमछा पहनाया तो उन्होंने उन्हें नर्मदे हर कहकर अभिवादन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि वे नर्मदापुरम से हैं क्या? इस पर आयुष ने जवाब दिया कि वे हिंदुस्तान के दिल मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से आए हैं, जहां मां नर्मदा को मां के समान पूजा जाता है.

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी बच्चों से नर्मदे सर्वदे, नर्मदे सर्वदे का नारा भी लगवाया. आयुष ने बताया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वे संस्कारधानी जबलपुर से हैं और नर्मदा नदी यहां बहती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नर्मदा नदी से जुड़ी कई बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गुजरात से हैं और नर्मदा नदी गुजरात व मध्य प्रदेश दोनों राज्यों से होकर बहती है. इसलिए उन्होंने बच्चों से मां नर्मदा को लेकर नारे भी लगवाए और मां नर्मदा को लेकर कई रोचक कहानियां भी बताई.

PM आवास पर 5 घंटे रहे आयुष

आयुष ने बताया कि वे प्रधानमंत्री आवास में लगभग चार से पांच घंटे रहे, जिनमें करीब दो से ढाई घंटे प्रधानमंत्री से बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि जब वे प्रधानमंत्री से बात कर रहे थे तो उन्हें ऐसा लग रहा था, जैसे कोई सपना चल रहा हो. आयुष ने बताया कि उन्हें एक खास सरप्राइज भी मिला. उन्होंने कहा कि सुबह करीब छह बजे वे प्रधानमंत्री आवास पहुंचे थे. वहां उन्हें बताया गया कि पहले नाश्ता होगा, उसके बाद प्रधानमंत्री आएंगे, लेकिन नाश्ते के दौरान ही अचानक प्रधानमंत्री मोदी वहां आ गए. यह उनके लिए एक बड़ा सरप्राइज था. उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ नाश्ता किया, बातचीत की और प्रधानमंत्री ने उन्हें गमछा पहनाया इसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा.

आयुष के हाथ में मौजूद किताब के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक एग्जाम वॉरियर्स है. उन्होंने कहा कि यह किताब सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को जरूर पढ़नी चाहिए. इसमें कुल 34 मंत्र दिए गए हैं, जिनमें 28 विद्यार्थियों के लिए और 6 माता-पिता व शिक्षकों के लिए हैं. इस पुस्तक में परीक्षा के समय तनाव से कैसे मुक्त रहें, पढ़ाई और शौक के बीच संतुलन कैसे बनाए रखें, इस बारे में विस्तार से बताया गया है.

आयुष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्या पूछा?

आयुष ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से यह सवाल पूछा था कि कई बार छात्र स्कूल और शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बैठा पाते, जिससे सिलेबस पीछे रह जाता है. इस पर प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि छात्र पहले से यह जान लें कि शिक्षक अगले सप्ताह क्या पढ़ाने वाले हैं और उस विषय को पहले ही पढ़कर कक्षा में जाएं, ताकि पढ़ाई में रुचि और संतुलन बना रहे. प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को संदेश दिया कि एक योद्धा बनो, चिंतक नहीं”. उन्होंने कहा कि परीक्षा को चुनौती की तरह स्वीकार करें और डर या चिंता न करें. आयुष ने कहा कि आज कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट हुआ और पूरे देश ने उन्हें देखा, जिससे उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है.

आयुष ने पूरे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया

आयुष ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बच्चों को कई उपयोगी सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि यदि तनाव या दबाव महसूस हो तो सबसे पहले पूरी नींद लें. दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूरी है, ताकि शरीर और मन दोनों ऊर्जावान रहे. चयन प्रक्रिया के बारे में आयुष ने बताया कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए उन्होंने एक मिनट का वीडियो बनाया था, जिसे उन्होंने अपनी स्कूल शिक्षिका डॉ. भारती मालपानी को भेजा. स्कूल से लगभग चार वीडियो और पूरे मध्य प्रदेश से करीब 10 से 15 वीडियो भेजे गए थे. इनमें से शिक्षा मंत्रालय द्वारा दो वीडियो का चयन किया गया. आगे इंटरव्यू और सेशन्स हुए, जिसमें अंतिम दौर तक आयुष का चयन हुआ और उन्होंने पूरे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया.

क्या बोले आयुष के पिता?

आयुष के पिता भगीरथ तिवारी ने टीवी9 डिजिटल से बातचीत में कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देना जरूरी है. उनकी दिनचर्या अच्छी होनी चाहिए. समय पर सोना-जागना, पढ़ाई का सही टाइम टेबल बनाना, माता-पिता और गुरुओं की आज्ञा का पालन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि आयुष ने चयन की जानकारी एक दिन पहले दी थी. पहले उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन पत्र देखने के बाद यकीन हुआ. उन्होंने कहा कि आयुष हॉस्टल में रहकर भी मेहनत कर रहा है. अन्य बच्चों के लिए संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें, होमवर्क समय पर करें और मोबाइल का सीमित उपयोग करें.

यह प्रतियोगिता बहुत कठिन थी, पर आयुष ने पास की

स्कूल की शिक्षिका भारती मालपानी ने बताया कि यह प्रतियोगिता बहुत कठिन थी. पूरे मध्य प्रदेश से एनसीआरटी में केवल आयुष का ही चयन हुआ. यह विद्यालय, महाकौशल और पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में जबलपुर और स्कूल का नाम लिया गया तो बहुत अच्छा महसूस हुआ. अंत में उन्होंने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि असफलता अंतिम सीढ़ी नहीं होती, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने की अगली सीढ़ी होती है. निरंतर प्रयास करते रहें, निराश न हों. जो कोशिश करता है, वही जीतता है और आज नहीं तो कल सफलता जरूर मिलेगी.

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