Nation- लालू की देखरेख में हुई क्रिमिनल साजिश… लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय, जानें कोर्ट ने क्या-क्या कहा?- #NA

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के कथित घोटाले में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं. दोनों नेताओं ने आरोपों से इनकार करते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही है. कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव की निगरानी में एक बड़ी क्रिमिनल साजिश की गई.

स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि जब तक कोर्ट से विशेष अनुमति न हो, आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा. हालांकि मीसा भारती को उम्र और स्वास्थ्य के आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की छूट दी गई है.

आरोप तय करते हुए स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में यह प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी के औजार की तरह इस्तेमाल किया और अपने परिवार के सदस्यों के जरिए नौकरी चाहने वालों से अचल संपत्तियां हासिल कीं.

CPOs सहित 52 आरोपियों को किया बरी

कोर्ट ने कहा कि इस कथित साजिश में पत्नी राबड़ी देवी, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव, और बेटे तेजस्वी यादव तथा तेज प्रताप यादव शामिल बताए गए हैं.

हालांकि कोर्ट ने रेलवे के चीफ पर्सनल ऑफिसर्स (CPOs) और अन्य अधिकारियों समेत 52 आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट का कहना था कि CPOs के पास न तो नियुक्ति का अधिकार था और न ही यह साबित हुआ कि वे रेल मंत्री के दबाव में थे.

कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में नौकरी के बदले जमीन लेने की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है. आरोप है कि रेलवे की ग्रुप-डी नौकरियों के बदले जमीन के टुकड़े लिए गए.

लालू यादव के वकील ने आरोप से किया इनकार

9 जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती तेजस्वी यादव एवं दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश जारी किया था.

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बहस के दौरान लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है. इसका कोई प्रमाण नहीं है कि कैंडिडेट्स को जमीन के बदले जॉब दिया गया है. सेल डीड से साफ है कि पैसे देकर जमीन खरीदी गई थी.

उन्होंने कहा कि पूर्व रेल मंत्री की ओर से किसी भी कैंडिडेट के लिए कोई सिफारिश नहीं की गई थी. किसी ने यह नहीं कहा है कि उन्होंने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी. इसका कोई सबूत भी नहीं है.

सीबीआई ने 18 मई 2022 को दर्ज किया था केस

स्पेशल जज ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, हेमा यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, भोला यादव, मीसा भारती, तेज प्रताप यादव, आरके महाजन एवं प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, धोखाधड़ी एवं करप्शन के कॉमन चार्ज लगाने का निर्देश दिया.

इस मामले में सीबीआई ने 18 मई 2022 को केस दर्ज किया था और अब तक दो चार्जशीट और दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की हैं. कुल 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, जिनमें से कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है. गौरतलब है कि 9 जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.

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लालू की देखरेख में हुई क्रिमिनल साजिश… लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय, जानें कोर्ट ने क्या-क्या कहा?


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