देश- बिहार के हर गांव में होगा एक स्पोर्ट्स ग्राउंड, नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला- #NA

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार के हर गांव में जल्द ही एक खेल मैदान होगा. बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों को आदेश दिया है कि वे कम से कम एक खेल मैदान का निर्माण कराएं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. हाल में ही सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे राज्य में खेल को बढ़ावा मिलेगा.

ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों को पत्र लिखकर इस वित्तीय वर्ष में राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में कम से कम एक खेल मैदान का निर्माण करने का लक्ष्य रखा है. इसमें बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, रनिंग ट्रैक समेत अन्य खेलों के लिए संरचनाओं का प्राथमिकता से निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए सभी आवश्यक योजनाओं को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने की समय सीमा 15 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है.

ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन

सरकार में इस मामले में सुझाव के लिए राज्य में 16 अक्टूबर को सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों के साथ एक दिवसीय ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया था. इस वर्कशॉप में दिए गए सुझावों को नए दिशा-निर्देशों के साथ संशोधित किया गया है.

इस वर्कशॉप में अधिकारियों से सुझाव मांगे गए थे. उप विकास आयुक्त मधुबनी ने सुझाव दिया कि यदि आर्थेन गैलरी का निर्माण मनरेगा के अंतर्गत श्रम सामग्री अनुपात का पालन करते हुए किया जाए, तो सुविधा होगी और खेल संरचना का अधिक उपयोग हो सकेगा. इसी वर्कशॉप में विकास आयुक्त मुंगेर ने सुझाव दिया कि खेल मैदान में प्रस्तावित छह फीट के रनिंग ट्रैक को आठ फीट किया जाए.

सरकार खेल को लेकर गंभीर

बिहार सरकार खेल को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में खेल को लेकर कई नई योजनाओं की शुरुआत की है. पिछले जुलाई माह में उन्होंने कैबिनेट की बैठक में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के तहत 301 पदों के सृजन का निर्णय लिया था.

सरकार ने पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम को बीसीसीआई को लीज पर देने का फैसला भी लिया है. इस फैसले के बाद बीसीसीआई इस स्टेडियम का पुनर्निर्माण कराएगी, जिसका सारा खर्च बीसीसीआई ही उठाएगी. सरकार नालंदा में भी एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण करवा रही है.

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