खबर शहर , Agra News: बढ़ने के बाद थमी चंबल की रफ्तार, अभी भी खतरा बरकरार – INA

बाह। राजस्थान की बारिश के चलते रविवार को उफनाई चंबल नदी का जलस्तर 121 मीटर तक पहुंच गया था। सोमवार की सुबह से प्रति घंटा 6 सेमी की गिरावट के साथ नदी का जलस्तर 120.30 मीटर पर स्थिर हो गया है। रविवार को 24 घंटे में 8 मीटर की जलवृद्धि से बाह के 38 गांवों में बाढ़ के खतरे ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी थी। निचले इलाके के रेहा, पुरा डाल, क्योरीपुरा, मऊ की मढैया, गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा गांव के कच्चे रास्ते एवं खादरों में चंबल का पानी भर गया।
रेहा के प्रधान अजय कौशिक, सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह, भगवानपुरा के प्रधान बच्छराज सिंह, मऊ के प्रधान उदयभान सिंह ने बताया कि भले ही चंबल नदी स्थिर हो गई है, लेकिन बाढ़ का खतरा टला नहीं है। बाढ़ के खतरे की आशंका में ग्रामीणों की निगाहें चंबल नदी के जलस्तर पर टिकी हुई हैं। कछार के खेतों में पानी भरने से बाजरा, तिल और सब्जियों की फसलें नष्ट होने की आशंका है। लागत और मेहनत डूबने के अंदेशे से किसान चिंतित हो उठे हैं। नदी के उफान को लेकर प्रशासन सतर्क है। हल्का लेखपालों को जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान की बारिश का पानी आने से रविवार को चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा था। सोमवार को थमने के बाद नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है। बाढ़ का खतरा नहीं है, फिर भी प्रशासन सतर्क है। ग्रामीणों को नदी क्षेत्र में न जाने के लिए लगातार जागरुक किया जा रहा है। – विनोद कुमार, एसडीएम, बाह
खादरों की नजदीक से हो रही निगरानी, ग्रामीणों को किया जागरूक
चंबल के उफान के साथ निचले इलाके के खादरों में पानी के साथ मगरमच्छ और घड़ियाल आने का अंदेशा है। नदी किनारे के गांव रेहा, पुरा डाल, पुरा शिवलाल, डगोरा, क्योरीपुरा, मऊ की मढैया, भगवानपुरा, गुढ़ा आदि गांवों में मगरमच्छ के हमले की दहशत है। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि नदी के उफान के बाद वन विभाग की टीम लगातार गांव के नजदीकी खादरों की निगरानी कर रही है। मानव वन्यजीव संघर्ष टालने के लिए गठित 60 समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। नदी और बीहड़ क्षेत्र में लगातार हिदायत दी जा रही है।