खबर शहर , ऑपरेशन ट्रैफिक: पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त, एंबुलेंस से स्कूली वाहन तक जाम में फंसे; तिलमिलाते रहे आम लोग – INA

ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने वाले ही यातायात की चाल बिगाड़ रहे हैं। पीक आवर्स में भी मोबाइल में व्यस्त नजर आ रहे हैं। सोमवार को रावली पर जब वाहनों की लंबी लाइन लगी थी, उसी समय पुलिसकर्मी कहीं पेड़ के नीचे तो कहीं आराम से किनारे पर बैठकर मोबाइल चलाते नजर आए। इससे लोगों को 2 घंटे तक जाम से जूझना पड़ा।
एमजी रोड के रावली मंदिर के पास मेट्रो का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस वजह से रोजाना जाम लग रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। मेट्रो की ओर से ट्रैफिक मार्शल लगाने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद जनता को राहत नहीं मिल रही है। बंद कमरों में प्लान बनाकर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
जिस रास्ते से पुलिस आयुक्त से लेकर जिलाधिकारी तक निकलते हैं, वहां पर लोगों को 30 से 45 मिनट जाम से जूझना पड़ रहा है। दोपहर में 12 से 2 के बीच वाहनों की लाइन से लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। सोमवार को रावली महादेव मंदिर में भीड़ थी। इससे सुबह से ही जाम लगने लगा। साईं का तकिया, छीपीटोला की तरफ से आने वाले वाहन फंस गए। इसमें स्कूली वाहनों में बच्चे, एंबुलेंस में मरीज, टूरिस्ट वाहनों में सैलानी, सवारी वाहनों में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दृश्य – 1
पेड़ के नीचे बना लिया ठिकाना
दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट से एसबीआई तिराहे की तरफ की लेन पर रावली पुल से उतरते ही दो पुलिसकर्मी पेड़ के नीचे खड़े दिखे। एक मोबाइल पर बात कर रहा था तो दूसरा ट्रैफिक देख रहा था। इस लेन पर ट्रैफिक सामान्य चल रहा था। पुलिसकर्मियों ने जाम लगने वाली लेन पर यातायात व्यवस्था को संभालने की जहमत नहीं उठाई।
दृश्य – 2
मंदिर के बाहर बैठा रहा सिपाही
साईं का तकिया से कलेक्ट्रेट की तरफ की लेन पर दोपहर 1.30 बजे वाहनों की लंबी लाइन लगी दिखी। वाहनों को 100 मीटर की दूरी तय करने में 20 से 25 मिनट लग रहे थे। इस लेन पर सिर्फ एक ट्रैफिक सिपाही ड्यूटी दे रहा था। वह भी मंदिर के बाहर एक जगह पर बैठकर मोबाइल में व्यस्त था। कभी याद आने पर हाथ हिलाकर ट्रैफिक चलाता नजर आया।
एक ही लेन पर सात पुलिस वाले
ट्रैफिक ड्यूटी का भी अजब ही हाल है। एसबीआई तिराहे से रावली मंदिर तक यातायात पुलिस के 8 कर्मियों की ड्यूटी थी। इसमें पांच पुलिसकर्मी अकेले एसबीआई तिराहे पर लगे हुए थे। यहां पर वाहन क्राॅस हो रहे थे। वह भी आराम से ड्यूटी कर रहे थे। कभी अलर्ट तो कभी कैनोपी में बैठे नजर आए। वहीं दो पुलिसकर्मी उस लेन पर थे, जहां जाम नहीं था। जिस लेन पर जाम था, उस पर एक ही ड्यूटी दे रहा था।
यहां भी समस्या
शास्त्रीपुरम स्थित निखिल पैराडाइज निवासी राजेश सिंह ने बताया कि काॅसमाॅस माॅल के बाहर गाड़ियों के खड़े होने से जाम लगता है। इसके अलावा गलत दिशा से आने वाले वाहन भी निकलते हैं। इसी तरह मदिया कटरा स्थित हाॅस्पिटल और लैब के बाहर भी वाहनों की पार्किंग से लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। वाहनों की पार्किंग को रोकने से काफी हद तक जाम की समस्या का निदान हो सकता है। वहीं नरेश चाहर ने बताया कि भगवान टाॅकीज पर सरकारी अनुबंधित बसों के चालान काट दिए जाते हैं मगर पुलिसकर्मी हरियाणा नंबर की बसों के चालान नहीं करते हैं। इनसे सांठ-गांठ चलती है। इन बसों की वजह से दिनभर चाैराहे पर जाम की समस्या बनी रहती है।
एडीसीपी ट्रैफिक अलका सिंह ने बताया कि रावली पर वाहनों का दबाव अधिक था। इस वजह से समस्या रही। पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था की ड्यूटी में लगे थे। अगर किसी तरह की लापरवाही की जा रही है तो उसकी जांच कराई जाएगी। क्षेत्रीय यातायात निरीक्षक से जानकारी ली जाएगी।