खबर शहर , यूपी पुलिस नहीं करती है ऐसे कॉल: आगरा के युवक से जिस तरह हुई ठगी, आप हो जाएं सावधान; इन बातों का रखें ध्यान – INA

हेलो, मैं लखनऊ पुलिस का अफसर बोल रहा हूं। तुम्हारे नाम प्राथमिकी दर्ज हुई है… ऐसे डराकर मामले से नाम हटाने के लिए शाहगंज निवासी महिला के बेटे से 91,500 रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। ठगे जाने का पता चलने पर महिला ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी। बृहस्पतिवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई।
शाहगंज के जीआर एस्टेट मुरली विहार निवासी एकता अग्रवाल ने बताया कि 29 अक्तूबर 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके बेटे शिखर अग्रवाल को फोन किया। उसने खुद को लखनऊ का पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उसका (शिखर का) नाम अपराध में सामने आया है। रुपये देने पर उसका नाम मामले से हटवा सकता है। बातों में आकर शिखर ने यूपीआई के जरिये अलग-अलग बार में कुल 91,500 रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिए।
आरोपी ने रकम अलग-अलग यूपीआई आईडी पर मंगवाई। रकम लेने के बाद आरोपियों ने बातचीत बंद कर दी। फोन करने वाले ने साहिल, मनोज सिंह, अतुल कुमार पांडेय और संदीप कुमार नाम बताए थे। बाद में पता चला कि साइबर ठगी हुई है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार का कहना है पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ठगी से बचने के लिए यह रखें ध्यान
डीसीपी ने बताया कि पुलिस अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि केस में नाम हटाने या गिरफ्तारी से बचाने के लिए रुपये मांगे तो कभी भुगतान न करें। कोई भी पुलिस या अन्य सुरक्षा संस्था का व्यक्ति किसी से इस तरह की मांग नहीं कर सकता है। संदिग्ध कॉल की जानकारी संबंधित थाने या साइबर हेल्पलाइन को दें। यूपीआई भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता की पहचान जांचें। ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देकर साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।