Political – बंगाल चुनाव से पहले सिविक वॉलंटियर्स का बढ़ा बोनस, चुनाव आयोग ने ममता सरकार से मांगा जवाब- #INA

पश्चिम बंगाल सरकार ने विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सिविक वॉलंटियर्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. होम डिपार्टमेंट की पुलिस एस्टैब्लिशमेंट ब्रांच की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में पश्चिम बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और रूरल पुलिस सिस्टम के तहत काम करने वाले सिविक वॉलंटियर्स के लिए एड-हॉक बोनस को मंजूरी दे दी गई है.

सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, हर सिविक वॉलंटियर को 7,400 रुपये का बोनस दिया जाएगा. यह फैसला फाइनेंस डिपार्टमेंट की ऑडिट ब्रांच की रिवाइज्ड सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.

गौरतलब है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में सिविक वॉलंटियर्स को 6,800 रुपये का बोनस दिया गया था. इस वजह से इस बार बोनस की रकम थोड़ी बढ़ गई है.

चुनाव आयोग ने ममता सरकार से मांगी रिपोर्ट

चुनाव आयोग ने इस बारे में राज्य सरकार से पहले ही रिपोर्ट मांगी है. नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि मामले की डिटेल में रिव्यू करने के बाद गवर्नर की मंजूरी से इस बोनस को मंजूरी दी गई है. पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के साथ-साथ रूरल इलाकों में काम करने वाले विलेज पुलिस वॉलंटियर्स भी इस सुविधा के तहत आएंगे.

ये भी पढ़ें- बंगाल में सिविक वॉलिंटियर क्या स्कूल में लेंगे क्लास? जानें क्या बोले शिक्षा मंत्री

बताया गया है कि यह खर्च संबंधित सेक्टर के लिए दिए गए फंड से किया जाएगा. प्रशासनिक हलकों के मुताबिक, चुनाव से ठीक पहले यह घोषणा अहम है, क्योंकि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सिविक वॉलंटियर्स की भूमिका बहुत अहम होती है. चुनाव के दौरान उन पर एक्स्ट्रा जिम्मेदारियां भी होती हैं. ऐसे में इस वित्तीय फायदे को उनके काम की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है.

दूसरी तरफ, इस घोषणा को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें शुरू हो गई हैं. विपक्ष के एक धड़े का दावा है कि चुनाव से पहले सिविक वॉलंटियर्स को खुश करने के लिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं., हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि यह रेगुलर प्रोसेस का हिस्सा है और वित्त विभाग की सिफारिशों के बाद यह फैसला लिया गया है. कुल मिलाकर, चुनाव की घोषणा के माहौल में प्रशासन और राजनीति दोनों ही क्षेत्रों में इस बोनस घोषणा को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

चुनाव आयोग से ममता नाराज, फिर लिखा पत्र

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिर से चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है. मुख्यमंत्री ने एक बार फिर इलेक्शन कमीशन के काम पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है. ममता बनर्जी SIR को लेकर पहले भी कई बार ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिख चुकी हैं. हाल ही में उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए चिट्ठी लिखी थी.

इस बार उन्होंने इलेक्शन कमीशन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए. एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रांसफर को लेकर भी मुख्यमंत्री फिर से मुखर हो गई हैं.

ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा, “मैं कमीशन के काम करने के तरीके से हैरान हूं. कमीशन ने तहजीब और संवैधानिक शिष्टाचार की सभी हदें तोड़ दी हैं. कमीशन के काम के लिए मुझे सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ा.”

ममता ने लगाए भेदभाव के आरोप

उन्होंने फिर से SIR प्रोसेस में भेदभाव के आरोप लगाए हैं. ममता ने लिखा, “मैंने बार-बार इन मुद्दों को कमीशन के ध्यान में लाया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. लोगों के हितों को देखते हुए, मैं सुप्रीम कोर्ट गई. कोर्ट ने कुछ निर्देश दिए हैं, जिन पर अमल हो रहा है.”

उनका दावा है कि SIR प्रोसेस अभी भी चल रहा है, लेकिन लिस्ट जारी करने में देरी हो रही है. आम आदमी के पास अप्लाई करने के लिए बहुत कम समय है.

ये भी पढ़ें-सुवेंदु की ललकार, हुमायूं का मुस्लिम कार्ड भवानीपुर में ममता को सियासी चक्रव्यूह में फंसाने की तैयारी!

बंगाल चुनाव से पहले सिविक वॉलंटियर्स का बढ़ा बोनस, चुनाव आयोग ने ममता सरकार से मांगा जवाब


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News