Sport : Explainer: आखिरकार क्यों लिया अजिंक्य रहाणे ने संन्यास? इन 5 प्वाइंट्स से मिल जाएगा आपको जवाब #INA

Ajinkya Rahane : आज भारतीय क्रिकेट में फैंस को सुबह-सुबह हैरान करने वाली खबर मिली, जब देश के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास का ऐलान कर दिया. रहाणे भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा नाम हैं, उन्हें टेस्ट क्रिकेट स्पेशलिस्ट के तौर पर जाना जाता है. उन्होंने मुंबई के लिए खेलते हुए घरेलू क्रिकेट में भी कई कीर्तिमान रचे हैं. भारत ने अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भी क्रिकेट खेला है. अब उन्होंने आखिरकार क्रिकेट को अलविदा कह दिया है.

रहाणे ने अपने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो पोस्ट कर संन्यास का ऐलान कर दिया. 30 जुलाई की सुबह-सुबह जब देशवासियों के रहाणे की खबर मिली तो उनके मन में भी सवाल उठा होगा कि, आखिरकार अजिंक्य रहाणे ने संन्यास क्यों लिया है. ये सवाल ज्यादातर फैंस के मन में उठ रहा है कि, भारतीय क्रिकेटर अक्सर समय से पहले और अचानक एक दिन सामने आकर संन्यास का ऐलान क्यों कर देते हं. तो आज हम आपको इस बारे में ही बताने वाले हैं. 

आखिरकार क्यों लिया अजिंक्य रहाणे ने संन्यास?

अजिंक्य रहाणे के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की कई अलग-अलग वजाहें हैं. उन्होंने किसी एक वजह से क्रिकेट को अलविदा नहीं किया है. बल्कि उन्होंने बहुत सारी वजहों के चलते संन्यास लिया है. इसमें प्रमुख वजह अजिंक्य रहाणे को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका नहीं मिलना है. तो आइए रहाणे के संन्यास की वजहों पर नजर डालते हैं.

1 – कड़ी प्रतिस्पर्धा 

भारतीय क्रिकेट बोर्ड दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड में शामिल है. हमारे देश में तमाम क्रिकेटर टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना देखते हैं. हर चौथा व्यक्ति क्रिकेटर बनने का सपना देखता है और इंडिया के लिए खेलना चाहता है. ऐसे में टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए काफी ज्यादा कॉम्पटिशन बढ़ जाता है. भारत में हर साल हजारों खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हैं. ऐसे में टीम में जगह बनाए रखना बेहद मुश्किल होता है, इसलिए अनुभवी खिलाड़ी अक्सर नए खिलाड़ियों के लिए जगह छोड़ देते हैं. ये क्रिकेट बोर्ड उनको साइडलाइन कर देता है. ऐस में क्रिकेटर खुद संन्यास लेने पर मजबूर हो जाता है.

2 – फॉर्म में गिरावट

भारतीय क्रिकेट जैसा कि आप जानते हैं, कॉम्पटिशन काफी अधिक है. ऐसे में अगर किसी सीनियर खिलाड़ी के प्रदर्शन में जरा सी भी गिरावट आती है तो, क्रिकेट बोर्ड उनसे आगे देखता है. वो नए खिलाड़ियों को टीम में मौका देता है. ऐसे में लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले सीनियर खिलाड़ी फॉर्म में गिरावट की वजह से अपनी जगह खो देते हैं. लगातार खराब प्रदर्शन होने पर चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को मौका देने लगते हैं. ऐसे में कई खिलाड़ी खुद ही संन्यास लेना बेहतर समझते हैं. 

3 – फिटनेस और चोटें

भारतीय क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों को अक्सर चोट का खतरा ज्यादा रहता है. उन्हें युवा खिलाड़ी के मुकाबले काफी ज्यादा चोट लने की आशंका होती है. सीनियर खिलाड़ी चोट के चलते अपनी जगह टीम से खो देते हैं. ऐसे में कोई और उनकी जगह पर खेलता है और अच्छा प्रदर्शन कर उस जगह को अपना बना लेता है. जब चोट से ठीक होकर फिटनेस वापस हासिल कर सीनियर खिलाड़ी वापसी करता है तो उसकी जगह पर नया खिलाड़ी कब्जा कर लेता है. क्रिकेट का व्यस्त शेड्यूल शरीर पर काफी असर डालता है. बार-बार चोट लगने या फिटनेस में कमी आने पर लंबे समय तक खेलना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में क्रिकेटर संन्यास लेने पर मजबूर हो जाता है.

4 – बढ़ती उम्र

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ी की बढ़ती उम्र सबसे मुख्य वजह होती है, उसके संन्यास लेने की. एक खिलाड़ी एक उम्र के बाद नहीं खेल पाता है. उसके रिफ्लेक्स धीमें हो जाते हैं. वो बॉल को उतनी अच्छी तरह से बॉच नहीं कर पाता है. उम्र के साथ उसकी फिटनेस खराब हो जाती है, जिसका परिणाम मैदान पर देखने को मिलता है. वो ठीक से फील्डिंग नहीं कर पाता है. वो न बॉलिंग पिछले दोनों की तहर अच्छे से करता है और न ही वो बैटिंग पहले जैसी ताकत और ऊर्जा के साथ कर पाता है.  टेस्ट, वनडे, टी20, आईपीएल और घरेलू क्रिकेट का लगातार कार्यक्रम खिलाड़ियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा देता है. कई खिलाड़ी अपने करियर को लंबा करने के लिए पहले किसी एक फॉर्मेट से संन्यास लेते हैं. वहीं ज्यादातर खिलाड़ी क्रिकेट से ही संन्यास ले लेते हैं.

6 – नई पीढ़ी को मौका देना

क्रिकेटर नए और युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए और आने वाली नई पीढ़ी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित देने के लिए खुद संन्यास लेते हैं और आने वाले युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए टीम से स्थान खाली कर देते हैं. कई वरिष्ठ खिलाड़ी मानते हैं कि सही समय पर हटना टीम के भविष्य के लिए अच्छा होता है. इससे युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलता है. 

इन वजह के चलते अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास

अजिंक्य रहाणे को भी कड़ी प्रतिस्पर्धा, फॉर्म में गिरावट, फिटनेस और चोट, बढ़ती उम्र और भविष्य के खिलाड़ियों को मौका देने जैसी तमाम वजह से गुजरना पड़ा है. ऐसे में उन्होंने अब अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को खत्म कर दिया है. वो फिलहाल क्रिकेट के मैदान पर बतौर कमेंटेटर नजर आते हैं. आने वाले समय में हम उनको किसी टीम का कोच, मेटर आदि प्रकार की भूमिकाओं में देख पाएंगे.

प्रारूपअवधिमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसतगेंदेंस्ट्राइक रेटशतकअर्धशतकचौकेछक्के
टेस्ट2013–202385144125,07718838.5010,25649.50122657835
वनडे2011–2018908732,96211135.303,76778.6032429333
टी20 अंतरराष्ट्रीय2011–2016202023756120.80331113.3001326
आईपीएल2008–वर्तमान212197195,367105*30.104,273125.60235539141

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