Sports- Tejaswin Shankar: पिता का साया बचपन में छूटा, क्रिकेट का सपना टूटा, फिर भी नहीं हारे तेजस्विन, रच दिया इतिहास -#INA

ग्लास्गो के ट्रैक पर जब आखिरी इवेंट 1500 मीटर खत्म हुआ तो स्कोरबोर्ड पर 7976 अंक चमक रहे थे। यह सिर्फ एक स्कोर नहीं था, बल्कि उस खिलाड़ी की कहानी थी जिसने बचपन में पिता को खोया, क्रिकेट का सपना छोड़ा, चोट से जूझा और फिर भी भारत के लिए इतिहास लिख दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में डेकाथलॉन का कांस्य पदक जीतकर तेजस्विन शंकर इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही उनके पैर में चोट लग गई थी। इसी चोट के कारण वह अपने नियमित और सबसे मजबूत इवेंट हाई जंप में हिस्सा भी नहीं ले सके। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने सबसे कठिन मानी जाने वाली डेकाथलॉन स्पर्धा में उतरने का फैसला किया और इतिहास रच दिया।