Tach – बेकाबू हुई AI, इतना डराया क‍ि द‍िग्‍गज भी कांपने लगे, सरकार से बोले-रोक दो इसे

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टेस्टिंग के दौरान एक एडवांस AI के बेकाबू होकर खुद सर्वर हैक कर ल‍िया. इससे OpenAI, गूगल, एंथ्रोपिक और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों के एक्‍सपर्ट कांप उठे हैं और सरकार से कह रहे क‍ि इस पर रोक लगाओ.

बेकाबू हुई AI, इतना डराया क‍ि द‍िग्‍गज भी कांपने लगे, सरकार से बोले-रोक दो इसेZoom

आर्टिफ‍िश‍ियल इंटेल‍िजेंस को लेकर सवाल उठे.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में हाल ही में एक ऐसी घटना हुई, ज‍िसने AI बनाने वालों की ही नींद उड़ा दी. हुआ यूं क‍ि टेस्टिंग के दौरान एक एडवांस एआई मॉडल अपने सिक्‍योर‍ और कंट्रोल सैंडबॉक्स इनवायरमेंट से बाहर निकल गया. इतना ही नहीं, उसने खुद से एक ऑटोनॉमस साइबर अटैक करते हुए मशहूर कोड-शेयरिंग प्लेटफॉर्म हगिंग फेस के सर्वर में सेंधमारी कर ली. इस घटना ने बताया क‍ि एआई अब इंसानी कंट्रोल से बाहर जाकर खुद से काम करने लगा है. अगर ऐसा हुआ तो कभी भी तबाही मचा सकता है.

इस घटना ने सिलिकॉन वैली में हड़कंप मचा द‍िया है. OpenAI, एंथ्रोपिक, गूगल की डीपमाइंड और Meta AI जैसी दुनिया की सबसे दिग्गज एआई कंपनियों के 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों और शीर्ष अधिकारियों ने एक पिटीशन देकर अमेरिकी सरकार से गुहार लगाई गई है कि वह एआई के डेवलपमेंट को धीमा करे. इसके ल‍िए कुछ न‍ियम बनाए, वरना मुश्क‍िल होगी.

क्‍यों डर रहे एक्‍सपर्ट 

विशेषज्ञों ने कहा, दुनिया की टॉप एआई कंपनियां अब एआई रिसर्च को पूरी तरह से ऑटोमेट करने के बेहद करीब हैं. इसका मतलब है कि जल्द ही एआई खुद ही नए और ज्यादा ताकतवर एआई मॉडल बनाने लगेगा. इसके बाद एआई के विकास की रफ्तार इतनी बेकाबू हो जाएगी कि यह इंसानों के समझने और उसे कंट्रोल करने की क्षमता से बहुत आगे निकल जाएगा. इसके बाद के परिणाम क्या होंगे, इसका अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है.

सैम ऑल्टमैन भी ह‍िल गए

दिलचस्प बात यह है कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस प‍िटीशन पर साइन नहीं किए हैं, लेकिन इस घटना ने उन्हें भी डरा दिया है. इन्वेस्ट लाइक द बेस्ट पॉडकास्ट में एक इंटरव्यू के दौरान ऑल्टमैन ने मान कि यह पहली ऐसी घटना है जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है. उनका मानना है कि एआई डेवलपर्स को खुद आगे आकर इसके विकास की रफ्तार धीमी करनी चाहिए, ताकि समाज और दुनिया को इस नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाने का पूरा समय मिल सके.

मजाक अब हकीकत बना

क्या हम एआई सिंगुलैरिटी के दौर में पहुंच चुके हैं? इस सवाल का जवाब सैम ऑल्टमैन ने रिलेंटलेस पॉडकास्ट में दिया. उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि हम उस बिंदु पर पहुंच चुके हैं जहां एआई की बुद्धि इंसानी दिमाग को पीछे छोड़ रही है, और यह इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है जिसे इंसान न तो भांप सकता है और न ही रोक सकता है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘सिंगुलैरिटी’ कहते हैं. ऑल्टमैन ने याद किया कि करीब एक दशक पहले लंच के दौरान सहकर्मियों के बीच सिंगुलैरिटी सिर्फ एक मजाक का विषय हुआ करता था, लेकिन आज यह हकीकत बन चुका है.

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ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्‍हें मीड‍िया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …

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