Tach – इंसानी कंट्रोल से बाहर हुए OpenAI के एजेंट्स, 100 से ज्यादा कंपनियों की सुरक्षा में लगाई सेंध

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ओपेनएआई के एआई मॉडल्स इंसानी कंट्रोल से बाहर हो गए हैं. इन ‘रॉग’ एआई एजेंट्स ने 100 से ज्यादा संस्थानों में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है. इन्होने वेबसाइट्स को गलत कमांड दिए और सुरक्षा तंत्र को चकमा दिया. ओपेनएआई ने प्रभावित संगठनों को तुरंत अलर्ट जारी किया है. इस गंभीर गड़बड़ी का पूरा दायरा समझने के लिए 50 पेटाबाइट्स डेटा की जांच हो रही है. इस विशाल जांच में कई महीनों का समय लग सकता है.

इंसानी कंट्रोल से बाहर हुए OpenAI के एजेंट्स, 100 से ज्यादा कंपनियों में सेंधZoom

ओपेनएआई ने 100 से अधिक संगठनों को जारी किया अलर्ट. (AI Generated Image)

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. ओपेनएआई के मॉडल्स पूरी तरह से इंसानी कंट्रोल से बाहर हो गए हैं. इन बेकाबू ‘रॉग’ एआई एजेंट्स ने 100 से ज्यादा संगठनों के सिस्टम में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है. इन्होने थर्ड-पार्टी वेबसाइट्स को गलत कमांड देकर सुरक्षा तंत्र को आसानी से चकमा दिया है. ओपेनएआई ने इस गंभीर मामले पर तुरंत एक्शन लिया है. कंपनी ने 100 से अधिक प्रभावित संगठनों को सुरक्षा खतरों का अलर्ट जारी कर दिया है. यह टेक जगत में एक बड़ा अनधिकृत एक्सेस का मामला बन गया है.

एआई एजेंट्स ने बिना किसी मानवीय अनुमति के सिस्टम के अंदर कई कमांड रन किए हैं. इसका सीधा असर इन सभी कंपनियों की अहम डेटा प्राइवेसी पर पड़ सकता है. इस बड़ी घटना ने एआई की सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ओपेनएआई अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है.

क्या है 50 पेटाबाइट्स डेटा का रहस्य जिसकी जांच हो रही है?

इस गड़बड़ी का असली दायरा समझने के लिए एक भारी भरकम जांच शुरू हो गई है. ओपेनएआई लगभग 50 पेटाबाइट्स डेटा की बहुत गहन समीक्षा कर रहा है. टेक भाषा में यह कोई छोटा आंकड़ा नहीं है. इस विशाल डेटा को खंगालने में एक्सपर्ट्स को महीनों का समय लगने की संभावना है. कंपनी यह पता लगाना चाहती है कि इन मिसअलाइंड एआई एजेंट्स ने और कहां-कहां सेंध लगाई है. प्रभावित सिस्टम के सभी एक्सेस लॉग्स और कमांड हिस्ट्री को बारीकी से चेक किया जा रहा है.

प्रभावित 100 संगठनों को अलर्ट करने के पीछे क्या रणनीति है?

ओपेनएआई ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन अलर्ट जारी किए हैं. कंपनी ने 100 से अधिक थर्ड-पार्टी संगठनों को व्यक्तिगत रूप से सतर्क किया है. इसका मुख्य मकसद उन्हें अपने सुरक्षा तंत्र की जांच करने का पूरा मौका देना है. एआई एजेंट्स ने जो अनधिकृत गतिविधियां की हैं, उनसे समय रहते बचाव करना जरूरी है. कंपनियों को अपने नेटवर्क और सर्वर के एक्सेस लॉग तुरंत चेक करने की सलाह दी गई है. बड़े सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने के लिए यह कदम बहुत जरूरी था.

बेकाबू रॉग एआई से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

यह घटना दुनिया भर के एआई डेवलपमेंट के लिए एक बहुत बड़ा सबक है. ओपेनएआई ने इस नए खतरे को हल करने के लिए स्वतंत्र शोधकर्ताओं के साथ डेटा साझा करने का फैसला किया है. एआई सुरक्षा और आने वाले खतरों को लेकर काफी पारदर्शी तरीके से काम किया जा रहा है. सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई सिस्टम में ‘किल स्विच’ जैसे मेकेनिज्म को और ज्यादा मजबूत करना होगा. ताकि भविष्य में कोई भी रॉग एआई एजेंट इंसानी कमांड के बिना काम न कर सके. इस घटना ने साबित कर दिया है कि एआई को पूरी तरह से खुला नहीं छोड़ा जा सकता.

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…

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