Technology, AI टीचर पर हुआ विवाद: विरोध के बाद स्कूल ने रोका ह्यूमनॉइड रोबोट का इस्तेमाल, जानें क्यों लिया गया यह फैसला — INA

एआई हर क्षेत्र में खूब तरक्की कर रहा है, लेकिन क्या इस नई तकनीक को सभी आसानी से स्वीकार रहे हैं? शायद नहीं, अमेरिका के न्यूयॉर्क के एक स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने AI-पावर्ड इंसानों जैसे रोबोट को क्लासरूम में लाने की योजना फिलहाल रोक दी है। इस फैसले के पीछे छात्रों की डेटा प्राइवेसी, सुरक्षा और रोबोट बनाने वाली कंपनी को लेकर उठी चिंताएं मुख्य वजह बनी हैं।

स्कूल का प्लान क्या था ?


  • अपस्टेट न्यूयॉर्क के सलामांका सिटी सेंट्रल स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने रिययबॉटिक्स कंपनी  से करीब 60 हजार अमेरिकी डॉलर की लागत वाला एआई पावर्ड ह्यूमनॉइड रोबोट खरीदने को मंजूरी दी थी।

  • लंबे भूरे बालों वाले इस स्टेशनरी रोबोट को सैली(Sally) नाम दिया गया है। इसके हाथ-पैर हिल सकते हैं, लेकिन यह चल नहीं सकती थी।

  • उद्देश्य: सुपरिटेंडेंट मार्क बीहलर (Mark Beehler) के अनुसार, इस ह्यूमनॉइड का मुख्य मकसद हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को रोबोटिक्स और टेक्नोलॉजी फील्ड में पढ़ाई का व्यावहारिक अनुभव देना था। जैसे Arduino बोर्ड को प्रोग्राम करने में आ रही दिक्कतों को सुलझाना, रोबोट की मेंटेनेंस सीखना, अप्रूव्ड कंटेंट के साथ अपडेट करना और तकनीकी समस्याओं को ठीक करना।

  • करिकुलम इंटीग्रेशन: लास वेगास की कंपनी रियलबोटिक्स के रोबोट्स पहले से ही एपल के को-फाउंडर स्टीव वोज्नियाक के वोजएड (WozEd) करिकुलम के साथ प्रोग्राम्ड हैं, जिसका इस्तेमाल यह स्कूल डिस्ट्रिक्ट करता है।

क्यों शुरू हुआ विवाद?

जैसे ही सेनेका नेशन ऑफ इंडियंस रिजर्वेशन पर बसी इस कम्युनिटी में रोबोट की खबर फैली, विवाद शुरू होने लगा। 

1. यौन -बॉट कंपनी से जुड़ाव


  • लेबर यूनियन न्यूयॉर्क स्टेट यूनाइटेड टीचर्स (NYSUT) की प्रेसिडेंट मेलिंडा पर्सन ने इसका विरोध किया और कहा कि यौन डॉल्स से जुड़ी इस कंपनी के रोबोट का क्लासरूम में कोई काम नहीं है। 

  • आपको बता दें कि रोबोट सप्लाई करने वाली रियलबॉटिक्स एलएलसी का फोकस एजुकेशन और हेल्थकेयर पर है, लेकिन इसकी सिस्टर कंपनी Intima LLC की RealDoll में ओनरशिप स्टेक है, जो लंबे समय से AI-पावर्ड यौन रोबोट्स बनाती है।

2. प्राइवेसी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं


  • इसके अलावा पेरेंट्स और टीचर्स को डर था कि स्टूडेंट्स की पर्सनल जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है।

  • स्टेट एजुकेशन कमिश्नर बेट्टी रोजा (Betty Rosa) ने भी लेटर लिखकर डेटा प्राइवेसी और क्लासरूम में रोबोट के रोल पर सवाल उठाए।

3. इंसानी शिक्षकों की जगह लेने का डर

टीचर्स यूनियन का मानना था कि यह कदम हाड़-मांस के असली शिक्षकों को हटाने की दिशा में पहला कदम हो सकता है। इसलिए इस रोबोट का सबने जमकर विराेध किया और अंत में इसे बैन करवा दिया।

स्कूल प्रशासन ने भी दी सफाई?

विरोध के बाद स्कूल अधिकारियों और कंपनी ने स्थिति स्पष्ट की और कहा कि यह रोबोट किसी भी स्थिति में शिक्षकों की जगह लेने के लिए नहीं लाया जा रहा था। 


  • इंसानों की जगह नहीं: सुपरिटेंडेंट मार्क बीहलर ने कहा कि ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे कोई रोबोट स्कूल में इंसान की जगह ले सके। पढ़ाना पूरी तरह से एक इंसान से इंसान का प्रोसेस है।

  • अलग-अलग कंपनियां: इतना ही नहीं विवाद के बाद कंपनी Realbotix ने साफ किया। कहा  कि स्कूल के लिए तैयार किया गया यह ह्यूमनॉइड पूरी तरह नई एजुकेशनल यूनिट है। कंपनी का कहना है कि इसका हार्डवेयर किसी अन्य उत्पाद से रीपर्पज नहीं किया गया है। Realbotix LLC और Intima LLC के प्रोडक्ट्स पूरी तरह अलग हैं। दोनों के पास अपना अलग मैनेजमेंट, स्टाफ, मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन और पेरोल है।

डेटा सुरक्षा और फीचर्स:


  • कंपनी ने सुरक्षा और फीचर्स भी साफ किए। उनके अनुसार सैली रोबोट स्टूडेंट्स की पर्सनल जानकारी इकट्ठा नहीं करेगा और न ही ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड करेगा।

  • यह पब्लिक इंटरनेट पर सर्च नहीं कर सकता और न ही अन-वेरिफाइड एआई से जवाब निकाल सकता है।

  • रोबोट को हिंसा और जुए जैसे गलत टॉपिक्स से दूर रहने के लिए प्रोग्राम किया गया है।

  • सभी डेटा लोकल लेवल पर स्टोर रहेंगे और स्टूडेंट ऑथेंटिकेशन डिस्ट्रिक्ट के मौजूदा सिस्टम से ही होगा।

  • यह लाइफ-साइज रोबोट एक साधारण लैपटॉप जितनी ही एनर्जी (बिजली) कंज्यूम करता है।

दूर-दराज के बच्चों को बराबरी का मौका देने की दलील

सुपरिटेंडेंट बीहलर का तर्क था कि पेंसिल्वेनिया बॉर्डर के पास बसे सलामांका जैसे दूर-दराज के इलाकों में स्टूडेंट्स को नई टेक्नोलॉजी देखने के लिए 1-2 घंटे का सफर करना पड़ता है। रोबोट लाने का मकसद बच्चों को रोबोटिक्स, AI और STEAM करियर में . बढ़ने के लिए बराबरी का मौका देना था। हालांकि पिछले साल सैन डिएगो के एक चार्टर स्कूल ने भी यूके की कंपनी इंजीनियर्ड आर्ट्स से 500 हजार डॉलर में दो AI रोबोट्स खरीदे थे।

प्रोजेक्ट पर लगा होल्ड


  • फिलहाल, रोबोट पायलट प्रोजेक्ट को होल्ड (Hold) पर रख दिया गया है। स्कूल डिस्ट्रिक्ट स्टेट एजुकेशन अधिकारियों के साथ एन्हांस्ड स्टूडेंट डेटा प्राइवेसी एग्रीमेंट्स पर काम कर रहा है और लोकल कम्युनिटी के साथ बात-चीत जारी रखे हुए है।

  • हालांकि, स्थानीय लोग अभी भी आश्वस्त नहीं हैं। पूर्व छात्रा जॉपलिन फिसेक का कहना है कि बच्चों को किसी रोबोट के बजाय ऐसे देखभाल करने वाले बड़ों और असली इंसानों की जरूरत है जो उनके विकास के लिए मेहनत कर सकें।

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