Technology, Iceye India: फिनलैंड की कंपनी दिल्ली में बनाएगी छोटे सैटेलाइट, स्पेस इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनी भारत में क्यों – Finland Company Iceye Small Satellites Delhi Space Intelligence Why India Entry — INA

Tue, 25 Aug 2026 06:59 AM IST

सार

फिनलैंड की स्पेस इंटेलिजेंस कंपनी आईसीईवाईई ने भारत में काम शुरू करने का एलान किया है। कंपनी दिल्ली से ऑपरेशन चलाएगी और छोटे सैटेलाइट बनाने के लिए स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी कर रही है। रक्षा और खुफिया जरूरतों के लिए भारत में स्पेस टेक्नोलॉजी का यह विस्तार कितना अहम है? रिपोर्ट में पढ़िए।

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सैटेलाइट (सांकेतिक तस्वीर) – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

फिनलैंड की अंतरिक्ष-आधारित खुफिया तकनीक की वैश्विक कंपनी आईसीईवाईई ने भारत में अपना कामकाज शुरू करने का एलान किया है। यह कंपनी देश में छोटे उपग्रहों के निर्माण के लिए एक स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रही है। ये उपग्रह रक्षा, चौकसी और पर्यावरणीय निगरानी में इस्तेमाल किए जाएंगे।

आईसीईवाईई इंडिया नई दिल्ली से संचालित होगी। यह कंपनी की भारत जैसे अहम रक्षा और अंतरिक्ष बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के सैटेलाइट का समूह का इस्तेमाल पहले से ही रक्षा, खुफिया, बीमा और आपातकालीन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में हो रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच कंपनी की तकनीक की मांग भी बढ़ी है।

कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक राफल मोड्रजेव्स्की ने कहा कि कंपनी भारत में वास्तविक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि आईसीईवाईई भारत सरकार और स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर देश की संप्रभु खुफिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उत्साहित है। आईसीईवाईई की प्राथमिकता भारतीय रक्षा व खुफिया ग्राहकों को उन्नत खुफिया हल मुहैया कराना होगी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूती बढ़ेगी। कंपनी भारतीय अंतरिक्ष और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है।

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इसमें लॉन्च प्रदाता, इलेक्ट्रॉनिक्स व कंपोनेंट निर्माता और तकनीकी साझेदार शामिल हैं। कंपनी का स्थानीय औद्योगिक क्षमता विकसित करने का मॉडल आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से मेल खाता है। इसके पास दुनिया का सबसे उन्नत सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) सैटेलाइट समूह है। दुनिया भर में कंपनी के 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं इस साल कंपनी का राजस्व लगभग 280 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,680 करोड़ रुपये) को पार कर गया है।

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