Technology, Smartphones: क्या सस्ते स्मार्टफोन मिलने बंद हो जाएंगे? नई रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे — INA

अगर आप कम बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले महीनों में आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। मार्केट रिसर्च फर्म Omdia की नई रिपोर्ट के मुताबिक DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की कीमतों में लगातार तेज बढ़ोतरी हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर 400 डॉलर (करीब 34 हजार रुपये) से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल से मेमोरी की लागत तेजी से बढ़ने के कारण स्मार्टफोन बनाने की कुल लागत (BOM) में बड़ा बदलाव आया है। 2025 की तीसरी तिमाही की तुलना में 2026 की पहली तिमाही तक 400 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन में मेमोरी की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई। वहीं 400 डॉलर से ऊपर वाले फोन में भी यह 100% से ज्यादा बढ़ी है।
स्थिति यह है कि 2026 की पहली तिमाही में 400 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत का लगभग 60% हिस्सा केवल मेमोरी पर खर्च हो रहा है। 99 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) से कम कीमत वाले फोन में यह हिस्सा 64% से भी ज्यादा पहुंच चुका है।
कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत को कम करने के लिए डिस्प्ले, कैमरा सेंसर और रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) मॉड्यूल जैसे दूसरे पार्ट्स की लागत घटाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, एंट्री-लेवल स्मार्टफोन पहले से ही बेहद कम मार्जिन पर बनाए जाते हैं, इसलिए वहां लागत घटाने की गुंजाइश काफी सीमित है।
Omdia के मुताबिक, आने वाली तिमाहियों में मेमोरी की कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में Transsion, OPPO, Vivo, Honor और Xiaomi जैसी कंपनियां अपना मुनाफा बचाने के लिए स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ा रही हैं।
हालांकि, कीमत बढ़ने से कम बजट वाले ग्राहकों की खरीदारी पर असर पड़ सकता है, क्योंकि यह वर्ग कीमत को लेकर सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है। इसी वजह से कई कंपनियां धीरे-धीरे लो-बजट स्मार्टफोन से अपना फोकस हटाकर मिड और प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ रही हैं।
Omdia का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में सालाना 12% की गिरावट आएगी। इसकी बड़ी वजह 400 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की शिपमेंट में 22% से ज्यादा की कमी होगी। वहीं 400 डॉलर से ऊपर वाले स्मार्टफोन की बिक्री 5.7% बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि प्रीमियम ग्राहक कीमत बढ़ने से कम प्रभावित होते हैं और कंपनियों के पास इस सेगमेंट में दूसरे हार्डवेयर की लागत कम करने की ज्यादा गुंजाइश रहती है।