Technology, टेक टिप्स: एंड्रॉयड ऑटो क्या है और कैसे काम करता है यह सिस्टम? जानें फोन को बिना छुए इस्तेमाल करने का तरीका – Android Auto Explained, How Use Your Phone Hands-free While Driving — INA

सार
आजकल कारों में बड़ी इंफोटेनमेंट स्क्रीन और स्मार्ट फीचर्स का चलन तेजी से बढ़ा है। यह काफी उपयोगी हैं, लेकिन ड्राइविंग के दौरान बार-बार स्क्रीन या फोन देखना ध्यान भटका सकता है। एंड्रॉयड ऑटो और इसमें जुड़े जेमिनी एआई असिस्टेंट की मदद से ड्राइवर फोन को बिना छुए वॉयस कमांड, स्टीयरिंग बटन और ऑटोमेशन से नेविगेशन, कॉल, मैसेज और म्यूजिक को कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन बिना फोन को हाथ लगाए इन एंड्रॉयड ऑटो के इन फीचर्स का सही इस्तेमाल कैसे करें? आइए जानते हैं इसके पांच सबसे बेहतरीन तरीके…

कार चलाते समय फोन का इस्तेमाल करना या इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर बार-बार नजरें टिकाने से ध्यान भटक सकता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए एंड्रॉयड ऑटो आपके स्मार्टफोन के कई फीचर्स को सीधे कार के डिस्प्ले पर सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराता है। अब गूगल के नए एआई असिस्टेंट जेमिनी के जुड़ने के बाद यह एक्सपीरियंस और भी आसान और नेचुरल हो गया है। यूजर्स बिना किसी खास कमांड को याद रखे, सामान्य भाषा में बात करके कई काम चुटकियों में निपटा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे…
एंड्रॉयड ऑटो क्या है और कैसे काम करता है?
- एंड्रॉयड ऑटो गूगल का एक सिस्टम है, जो एंड्रॉयड फोन के कुछ जरूरी फीचर्स को कार के इंफोटेनमेंट डिस्प्ले पर इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। इससे चालक नेविगेशन, कॉल, मैसेज और म्यूजिक जैसे काम कार की स्क्रीन या वॉयस कमांड के जरिए कर सकता है। इससे हर काम के लिए फोन उठाने की जरूरत कम हो जाती है।
- एंड्रॉयड ऑटो इस्तेमाल करने के लिए फोन और कार का इस सिस्टम के साथ कम्पैटिबल होना जरूरी है। इसे कार से यूएसबी केबल या वायरलेस कनेक्शन के जरिए जोड़ा जा सकता है। वायरलेस कनेक्शन के लिए आमतौर पर ब्लूटूथ और वाई-फाई की जरूरत होती है। कनेक्ट होने के बाद कार की स्क्रीन पर एंड्रॉयड ऑटो का इंटरफेस दिखाई देता है, जहां से कम्पैटिबल एप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- इस सिस्टम का मकसद फोन के फीचर्स को ड्राइविंग के दौरान ज्यादा सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराना है। हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय भी सड़क पर ध्यान बनाए रखना जरूरी है।
जेमिनी और हे गूगल से वॉयस कमांड कैसे दें?
- एंड्रॉयड ऑटो में जेमिनी की मदद से वॉयस कमांड के जरिए कई काम किए जा सकते हैं। फोन कार से कनेक्ट होने के बाद, अगर जरूरी सेटिंग्स चालू हैं, तो ड्राइवर Hey Google कहकर अपनी जरूरत बता सकता है। जैसे मान लीजिए, किसी जगह का रास्ता पूछना, किसी व्यक्ति को कॉल करना या मैसेज भेजना जैसे काम आवाज के जरिए किए जा सकते हैं।
- इसके लिए Gemini को फोन के डिजिटल असिस्टेंट के तौर पर सेट करना जरूरी हो सकता है। फोन और कार का एंड्रॉयड ऑटो के साथ कम्पैटिबल होना भी जरूरी है। इसके अलावा, Hey Google और Voice Match की सेटिंग्स चालू होनी चाहिए।
- सेटअप पूरा होने के बाद हर काम के लिए कोई खास कमांड याद रखने की जरूरत नहीं होती। यूजर सामान्य बातचीत की तरह अपनी बात कह सकता है। Gemini बातचीत के संदर्भ को समझकर . के सवालों में भी मदद कर सकता है।
- उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी जगह का रास्ता पूछा है, तो इसके बाद रास्ते में चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता के बारे में भी पूछ सकते हैं। उपलब्ध सुविधाओं और ऐप सपोर्ट के आधार पर आप संबंधित जानकारी लेकर नेविगेशन शुरू कर सकते हैं।
स्टीयरिंग व्हील के बटन से कैसे चलाएं एंड्रॉयड ऑटो?
कुछ कारों के स्टीयरिंग व्हील पर वॉयस कमांड के लिए अलग बटन दिया जाता है। इसकी मदद से ड्राइवर बिना Hey Google बोले भी वॉयस असिस्टेंट को एक्टिव कर सकता है। इसके लिए वॉयस कमांड बटन को तब तक दबाकर रखना पड़ सकता है, जब तक जेमिनी या वॉयस असिस्टेंट के सक्रिय होने का संकेत न मिले। इसके बाद ड्राइवर अपनी जरूरत बोल सकता है। इस तरीके से रास्ता खोजने, किसी कॉन्टैक्ट को कॉल करने, मैसेज भेजने, म्यूजिक बदलने या सवाल पूछने जैसे काम किए जा सकते हैं। यानी फोन या कार की स्क्रीन को बार-बार छूने की जरूरत कम हो जाती है।
अगर वॉयस कमांड काम नहीं कर रहा है, तो कार का वॉल्यूम, माइक्रोफोन और स्टीयरिंग व्हील पर मौजूद वॉयस बटन चेक करना चाहिए। कुछ कारों में इस बटन को एक बार दबाने के बजाय दबाकर रखना जरूरी हो सकता है।
वॉयस कमांड से नेविगेशन कैसे कंट्रोल करें?
- एंड्रॉयड ऑटो का खास इस्तेमाल नेविगेशन के लिए भी कर सकते हैं। इसकी मदद से चालक गूगल मैप्स या किसी कंपैटिबल नेविगेशन एप में आवाज के जरिए यानी सिर्फ बोलकर रास्ता खोज सकता है और दिशा-निर्देश शुरू कर सकता है। इसके लिए किसी पते, दुकान या दूसरी जगह का नाम बोलना होता है। रास्ते में ट्रैफिक की जानकारी, आसपास मौजूद जगहों या दूसरे जरूरी विकल्पों के बारे में भी वॉयस कमांड से पूछा जा सकता है।
- अगर सफर के दौरान कहीं रुकने की जरूरत हो, तो आवाज के जरिए नया स्टॉप जोड़ने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर दूसरा रास्ता खोजने में भी मदद मिल सकती है। गूगल मैप्स में सड़क पर होने वाली कुछ समस्याओं, जैसे रोडवर्क या रुकी हुई गाड़ियों की जानकारी भी आवाज के जरिए दी जा सकती है।
- इन सुविधाओं की उपलब्धता एप, भाषा, क्षेत्र और सिस्टम सपोर्ट पर निर्भर कर सकती है। वॉयस कमांड से नेविगेशन चलाने का फायदा यह है कि ड्राइवर को रास्ता बदलने या नई जगह खोजने के लिए बार-बार स्क्रीन पर टैप नहीं करना पड़ता।
कॉल और मैसेज बिना फोन छुए कैसे मैनेज करें?
- एंड्रॉयड ऑटो के जरिए कॉल और मैसेज से जुड़े कई काम भी आवाज के जरिए किए जा सकते हैं। ड्राइवर अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद किसी व्यक्ति को कॉल कर सकता है, आने वाली कॉल का जवाब दे सकता है और किसी को नया मैसेज भेज सकता है।
- मैसेज के मामले में एंड्रॉयड ऑटो नए एसएमएस और दूसरे कम्पैटिबल मैसेजिंग एप्स के मैसेज पढ़कर सुना सकता है। इसके बाद यूजर बोलकर जवाब दे सकता है। कुछ स्थितियों में मैसेज भेजने से पहले सिस्टम उसे दोबारा पढ़कर भी सुनाता है, ताकि भेजने से पहले गलती सुधारी जा सके।
- जेमिनी लंबे मैसेज को संक्षेप में समझने जैसे कुछ कामों में भी मदद कर सकता है। हालांकि, मैसेज पढ़ने और जवाब देने के लिए एंड्रॉयड ऑटो के अपने फीचर्स भी उपलब्ध हैं।
- कुछ कम्पैटिबल डिवाइस में कॉल स्क्रीनिंग जैसी सुविधा भी मिल सकती है, जो कॉल की जानकारी समझने में मदद करती है। इसकी उपलब्धता फोन, ऐप और क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती है।
एंड्रॉयड ऑटो को अपने आप कैसे शुरू करें?
- एंड्रॉयड ऑटो में कुछ ऐसी सेटिंग्स भी हैं, जिनकी मदद से कार में बैठने के बाद फोन को बार-बार छूने की जरूरत कम की जा सकती है। इनमें ऑटोमैटिक स्टार्टअप का विकल्प शामिल है।
- इसे सेट करने के बाद, फोन कार से कनेक्ट होते ही एंड्रॉयड ऑटो अपने आप शुरू हो सकता है। इससे हर बार फोन अनलॉक करके सिस्टम को खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। एंड्रॉयड ऑटो की सेटिंग्स में जाकर यह तय किया जा सकता है कि कार से कनेक्ट होने पर सिस्टम किस तरह शुरू हो।
- म्यूजिक और पॉडकास्ट के लिए भी ऑटोमैटिक प्लेबैक का विकल्प उपयोगी हो सकता है। अगर कार में बैठने से पहले फोन पर Spotify या किसी दूसरे कम्पैटिबल एप में म्यूजिक या पॉडकास्ट चल रहा था, तो कार से कनेक्ट होने पर उसे अपने आप जारी रखा जा सकता है। इससे फोन अनलॉक करके प्ले बटन दबाने की जरूरत कम हो सकती है।
- इन सुविधाओं के सही तरीके से काम करने के लिए फोन और कार की पेयरिंग ठीक होनी चाहिए। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो के लिए ब्लूटूथ और वाई-फाई भी चालू होना जरूरी हो सकता है। एक बार सेटिंग्स सही हो जाने के बाद, कार स्टार्ट करने और फोन कनेक्ट होने पर जरूरी फीचर्स अपने आप तैयार हो सकते हैं।
एंड्रॉयड ऑटो इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
एंड्रॉयड ऑटो ड्राइविंग के दौरान फोन के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए बनाया गया है, लेकिन यह ध्यान भटकने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता है। वॉयस कमांड हर स्थिति में सही नतीजा नहीं दे सकता और कुछ फीचर्स के लिए स्क्रीन पर विकल्प चुनना पड़ सकता है।
इसलिए सफर शुरू करने से पहले नेविगेशन, म्यूजिक और जरूरी कनेक्शन सेट कर लेना बेहतर हो सकता है। अगर किसी काम के लिए स्क्रीन पर ध्यान देना या फोन को छूना जरूरी हो, तो पहले गाड़ी को सुरक्षित जगह पर रोकें।