विमान अपहरण की कोशिश करने वाला पायलट कट्टरपंथी था:साथी बोला- महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था; यात्रियों ने पकड़ा तो चिल्लाया- मुझे मार दो- INA NEWS

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला ओमानी को-पायलट धार्मिक कट्टरपंथी था। यह दावा उसके साथ काम कर चुके एक पायलट ने इजराइली न्यूज चैनल 16 से बातचीत में किया। सहकर्मी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उसके मुताबिक, आरोपी महिलाओं से हाथ भी नहीं मिलाता था। उसने कहा, ‘कंपनी ने एक आतंकवादी को नौकरी पर रखा, जिसकी वजह से करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, पकड़े जाने के बाद आरोपी चिल्ला रहा था- ‘मुझे मार दो।’ कैप्टन पर चाकू से हमला किया, विमान हजारों फीट नीचे आया ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया और विमान को हाईजैक करने की कोशिश की इस दौरान विमान कुछ ही मिनटों में हजारों फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई। हमले के पीछे की वजह की जांच अभी जारी है। विमान के कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा, जांच जारी हमले के बाद जांच में एक अहम सवाल उठ रहा है कि कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा। एक इजराइली अधिकारी से पूछा गया कि क्या हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु आग बुझाने या किसी आपातकालीन प्रक्रिया के लिए कॉकपिट में रखे गए उपकरणों में से थी। अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इस्तेमाल की गई वस्तु किसी आपातकालीन उपकरण से जुड़ी थी या नहीं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आरोपी की सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई थी या नहीं। 9 महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने फ्लाईदुबई में करीब 9 महीने पहले नौकरी शुरू की थी। ओमान के एक अधिकारी ने अमेरिकी न्यूज चैनल CBS को इसकी पुष्टि की थी। आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। घटना के बाद यह सवाल भी उठा कि आरोपी को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली। इजराइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। रिपोर्ट- हमले से पहले भी कई ओमानी पायलट इजराइल पहुंचे ओमानी पायलट के हमले के बाद इजराइल की विमान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंध के बावजूद इससे पहले भी कई ओमानी पायलट तेल अवीव पहुंचे थे। इजराइल ने पायलटों की सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी विदेशी एयरलाइंस पर छोड़ रखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने फ्लाईदुबई के पायलटों के बैकग्राउंड की जांच नहीं की थी। उसने एयरलाइन से प्रतिबंधित देशों के पायलटों को तैनात न करने को कहा था। हमले के बाद परिवहन मंत्रालय और विमान सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा होगी। इसमें उस केंद्र की भूमिका भी जांची जाएगी, जो इजराइल आने वाली उड़ानों के चालक दल की निगरानी करता है। UAE जांच करेगा कि हमला आतंकवादी साजिश थी या नहीं हमले के आरोपी ओमानी पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सऊदी अधिकारियों ने तबूक में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर शुरुआती पूछताछ की थी। इसके बाद गुरुवार सुबह उसे UAE भेज दिया गया। अब UAE की न्यायिक एजेंसियां मामले की जांच करेंगी। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शुरुआती जांच में पुष्टि हुई कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। हमले में दोनों पायलट घायल हुए थे। UAE के अधिकारी अब यह पता लगाएंगे कि कॉकपिट में झड़प किन परिस्थितियों में हुई और क्या को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने या उसे जानबूझकर गिराने की कोशिश की थी। UAE यह जांच कर रहा है कि हमला आतंकवाद से जुड़ा था या पहले से इसकी योजना बनाई गई थी। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने घटना को ‘जिहादी आतंकवादी हमला’ बताया था। ———————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकपिट में भिड़े, चाकू लगे, लेकिन फ्लाइट कंट्रोल नहीं छोड़ा: पायलट स्मित मच्छर ने 4 साल पहले फ्लाईदुबई जॉइन की, पहले स्पाइसजेट में थे भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। स्मित पर उनके साथी पायलट ने ही चाकू से हमला कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

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