देश – नगर पालिकाओं तक में टूट रही TMC, 100 से ज्यादा इस्तीफे; पार्षद अभिषेक बनर्जी पर भड़के – #INA

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खबर है कि कई नगरपालिकाओं में पार्षदों के इस्तीफों का दौर जारी है। ये आंकड़ा 100 के पार पहुंच गया है। इतना ही नहीं पार्षद अब खुलकर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के डायमंड हार्बर मॉडल की आलोचना कर रहे हैं। इधर, अटकलें ये भी हैं कि कई सांसद भी टीएमसी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र में आने वाली डायमंड हार्बर नगर पालिका में 16 में से 8 बोर्ड सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अध्यक्ष प्रणब दास ने कहा, ‘हमने नगरपालिका क्षेत्र के विकास के लिए पूरी कोशिश की है, लेकिन हमारा कार्यकाल सिर्फ पांच साल का होता है। मैं चेयरमैन हूं और बोर्ड कभी भी टूट सकता है। क्षेत्र के विकास के लिए हर किसी की जरूरत है।’

ये भी पढ़ें:बंगाल के लोगों ने अराजकता का अंत किया, ममता के खिलाफ खुलकर बोलने लगे TMC MP

अभिषेक बनर्जी के मॉडल पर सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, पार्षदों के आरोप हैं कि डायमंड हार्बर मॉडल के नाम पर इलाके में अराजकता फैल रही थी। खास बात है कि बनर्जी इसका जिक्र कई बार अपने क्षेत्र के विकास के तौर पर करते थे। पार्षदों के आरोप हैं कि जब भी भ्रष्टाचार की शिकायत करने की कोशिश करते हैं, तो पुलिस परेशान करती है। साथ ही उन्होंने कहा, ‘चेयरमैन नहीं, बल्कि पुलिस नगरपालिका चला रही थी।’

वार्ड नंबर 7 से इस्तीफा देने वाले तमल हल्दर ने अखबार से कहा, ‘तमल हालदार का आरोप है कि प्रशासन पर पुलिस का जरूरत से ज्यादा कब्जा था। पुलिस ने वे सारे काम ऊपर से मिले आदेशों के मुताबिक ही किए। हमने अपनी लीडरशिप को इस बारे में कई बार बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।’

ये भी पढ़ें:ममता बनर्जी की टेंशन बढ़ी, BJP की मीटिंग में गए TMC नेता, करीबी शुभेंदु से मिले

कहां कितने पार्षदों का इस्तीफा

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल की कई नगरपालिकाओं में बड़ी टूट देखने को मिली है, जहां भारी संख्या में पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। उत्तर बैरकपुर में कुल 23 वार्डों में से मौजूदा 20 पार्षदों में से चेयरमैन सहित 15 ने इस्तीफा दे दिया है। गरुलीया में 21 में से 18 पार्षदों, और हलीशहर में 23 में से 16 पार्षदों ने अपने पद छोड़ दिए हैं। कांचरापाड़ा में 24 में से 14 पार्षद पीछे हट गए हैं। जबकि भाटपारा में सबसे बड़ा झटका लगा है, जहां 35 में से 30 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। इनके अलावा कांथी में 17 में से 12 टीएमसी पार्षद पद छोड़ चुके हैं।

ये भी पढ़ें:ममता ने सनातन को कहा ‘गंदा धर्म’?मुश्किल में पूर्व CM, TMC में भी उठने लगे सवाल

प्रशासक की हो सकती है नियुक्ति

राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल नगरपालिका अधिनियम 1993 के तहत सरकार के पास कुछ खास हालातों में पार्षदों के बोर्ड को भंग करने की ताकत होती है। ऐसा तब किया जा सकता है जब दो-तिहाई से ज्यादा पार्षद किसी भी वजह से इस्तीफा दे दें। ऐसी स्थिति में सरकार चुनाव होने तक नगरपालिका का कामकाज चलाने के लिए किसी प्रशासक को नियुक्त कर सकती है।

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
डिस्क्लेमरः यह लाइव हिंदुस्तान डॉट कॉम न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ आई एन ए टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी लाइव हिंदुस्तान डॉट कॉम की ही होगी.

Back to top button