यूपी – यह है खतरों की कॉलोनी: सरकार ने दिए मकान, मरम्मत कराना भूल गई, डर के साये में रह रहे 6000 लोग – INA

गरीबों को सुरक्षित आशियाने देने के लिए 16 वर्ष पूर्व बसाई गई कांशीराम टाउनशिप आज खुद हादसे का इंतजार करती दिखाई देती है। जर्जर इमारतें, उखड़ा प्लास्टर, बाहर झांकतीं सरिया, गिरासू छज्जे, वर्षों से खराब बिजली व्यवस्था और गंदगी के बीच करीब छह हजार परिवार रोज मौत के साये में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।


संवाद न्यूज एजेंसी की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि हालात इतने खराब हैं कि कई ब्लॉकों की सीढ़ियां और बालकनियां भी असुरक्षित हो चुकी हैं। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे टीम ब्लॉक नंबर 51 पर पहुंची।

एक साल पहले खंभों सहित गिरा ट्रांसफार्मरबाहर से ही इमारत की हालत इसकी जर्जरता बयां कर रही थी। सीढ़ियों की लोहे की रेलिंग दीवार से अलग हो चुकी थी। ऊपर चढ़ने में हिचकिचाहट हुई तो पीछे से आवाज आई, चढ़ जाओ… नहीं गिरेगी, हमारा तो रोज का काम है। बस ऊपर वाली छत गिराऊ है, वहां मत जाना। वर्ष 2011 से यहां रह रहीं परवीन बताती हैं कि इतने वर्षों में पूरी इमारत खंडहर में बदल गई है। बारिश और तेज हवा चलने पर हर पल हादसे का डर बना रहता है। उनका कहना है कि आवास मिलने के बाद प्रशासन ने कभी उनकी सुध नहीं ली।


Credit By Amar Ujala

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