यूपी – Medicine: अलीगढ़ का मयंक था मास्टरमाइंड, उत्तराखंड में बनती थीं नकली दवाएं, मोबाइल ने उगले राज – INA

आगरा में पकड़े गए करोड़ों रुपये के नकली दवा रैकेट के तार अब अलीगढ़ से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। ड्रग्स विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच में जो सनसनीखेज खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड अलीगढ़ का रहने वाला मयंक गुप्ता उर्फ किट्टू है, जो उत्तर प्रदेश में बैठकर उत्तराखंड के रूड़की की एक सीक्रेट फैक्टरी से नकली दवाओं का काला कारोबार संचालित कर रहा था।


जांच में सामने आया है कि मयंक गुप्ता ने महज एक साल, अप्रैल 2025 से अब तक के भीतर आगरा के दवा कारोबारी को 1.78 लाख से अधिक नकली आक्साल्जिन-डीपी टैबलेट की स्ट्रिप बेचीं। सामने आया है कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। नकली दवाओं की खेप को किसी प्राइवेट कूरियर के बजाय सरकारी रोडवेज बसों के जरिए आगरा भेजा जाता था।

दोनों कारोबारी आपस में सिर्फ व्हाट्सएप कॉल पर बात करते थे, ताकि कॉल रिकॉर्ड न निकाली जा सके। लाखों रुपये के इस अवैध लेनदेन के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल होता था। भुगतान के समय पांच रुपये के नोट का नंबर कोडवर्ड के तौर पर बताया जाता था, जिसके बाद ही कैश डिलीवर होता था। यह पेमेंट अलीगढ़ के रामघाट रोड और हाथरस रोड पर किया जाता था।


Credit By Amar Ujala

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