UP News: उमाशंकर सिंह की कंपनियों पर 400 करोड़ से ज्यादा टैक्स का शिकंजा! – INA

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और सबूतों के विश्लेषण के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है. सूत्रों के मुताबिक, कंपनियों पर 400 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स बन सकता है. आयकर विभाग की यह रिपोर्ट अब अंतिम निर्धारण के लिए नई दिल्ली स्थित आयकर मुख्यालय भेजे जाने की तैयारी है.

30 से ज्यादा ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

फरवरी 2026 में आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने उमाशंकर सिंह से जुड़े लखनऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज और कौशांबी समेत 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को करीब 10 करोड़ रुपये नकद और संपत्तियों, खनन तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी. उमाशंकर सिंह से जुड़ी कंपनियां सड़क निर्माण और खनन के कारोबार से जुड़ी रही हैं.

CAG रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी जांच

आयकर विभाग ने इसी कारोबारी गतिविधि से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की. इस पूरे मामले में सोनभद्र में अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान का मामला भी जांच का आधार बना. रिपोर्ट के मुताबिक, CAG की रिपोर्ट में सोनभद्र में अवैध खनन से करीब 60 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का जिक्र था. इसके बाद आयकर विभाग ने भी मामले में जांच शुरू की. आयकर विभाग ने यह पता लगाने के लिए दस्तावेजों और खनन से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया कि कंपनियों ने कितने क्षेत्र में खनन की अनुमति ली थी और वास्तविक गतिविधियां कितनी थीं.

ड्रोन और सैटेलाइट इमेजिंग से भी जांच

जांच का दायरा सिर्फ कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा. सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग ने मिर्जापुर और सोनभद्र में ड्रोन और सैटेलाइट इमेजिंग के जरिए भी कथित अवैध खनन के सबूत जुटाए. यानी कंपनी के दस्तावेजों में दर्ज खनन और जमीन पर हुई वास्तविक गतिविधियों के बीच अंतर की भी जांच की गई. आयकर विभाग की रिपोर्ट में खनन विभाग के कई अधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र होने की बात सामने आई है.

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे कथित तौर पर कुछ अधिकारियों को उपकृत किए जाने के संकेत मिलते हैं. खनन विभाग और खनन निदेशालय के कुछ अधिकारियों से इस संबंध में जवाब-तलब किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है. आयकर विभाग की जांच में कंपनियों के कारोबार, आय, खर्च, संपत्तियों और खनन से जुड़े लेनदेन का ऑडिट किया गया है. जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं.

अगस्त में हुआ उमाशंकर सिंह का निधन

उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक थे. वह रसड़ा से तीन बार विधायक चुने गए थे. उनका निधन 6 अगस्त 2026 को हुआ. उनकी कंपनियों से जुड़े मामलों में आयकर विभाग की जांच उनके निधन के बाद भी दस्तावेजों और संबंधित कारोबारी संस्थाओं के स्तर पर जारी है. आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेगी. इसके बाद टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

उमाशंकर सिंह की कंपनियों पर 400 करोड़ से ज्यादा टैक्स का शिकंजा!


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