UP News: ‘राणा सांगा’, ‘तीन प्रश्न’ और ‘के बोले माँ तुमि अबले’, पद्मश्री मनु शर्मा की 3 किताबों के संग्रह का वाराणसी में लोकार्पण – INA
देवाधिदेव महादेव विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के रुद्राक्ष सेंटर में आज बुधवार को प्रख्यात लेखक, साहित्यकार, पौराणिक लेखक और पद्मश्री पंडित मनु शर्मा जी के 99वें जन्मदिवस के अवसर पर पुस्तक संग्रह “हमारे मनु” का लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ. तीन पुस्तकों का यह संग्रह जिसमें पद्मश्री स्वर्गीय मनु शर्मा जी की तीन पुस्तकें “राणा सांगा, तीन प्रश्न और के बोले मां तुमि अबले” संग्रहीत हैं.
इस भव्य समारोह में पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जैसे अतिथि उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने की.
अतिथियों का स्वागत स्वर्गीय मनु शर्मा के पुत्र और टीवी9 भारतवर्ष के न्यूज डायरेक्टर और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा जी और स्वर्गीय मनु शर्मा की पौत्री सुश्री ईशानी शर्मा जी ने किया.
“हमारे मनु” का लोकार्पण समारोह
केंद्रीय मंत्री और काशी की बेटी अनुप्रिया पटेल का स्वागत श्रीमती वीणा शर्मा ने किया. इस समारोह में यूपी सरकार के कई मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में काशी के प्रबुद्ध लोगों के साथ-साथ कला और शास्त्रीय संगीत से जुड़ी दिग्गज हस्तियां भी उपस्थित रहीं.
अगले साल शताब्दी वर्ष मनाया जाएगाः हेमंत शर्मा
समारोह में सबसे पहले साहित्यकार मनु शर्मा के जीवन पर एक वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया. जिसके बाद पिता की स्मृतियों को मंच पर साकार देखकर भावुक हुए स्वर्गीय मनु शर्मा की साहित्यिक परंपरा के वारिस और पुत्र हेमंत शर्मा ने बताया कि ‘हमारे मनु’ नाम से एक न्यास का गठन किया गया है, जिसके द्वारा अगले साल स्वर्गीय मनु शर्मा जी का शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा जिसमें उनके द्वारा रचित सभी साहित्यों को एक साथ प्रकाशित किया जाएगा.
पद्मश्री स्वर्गीय मनु शर्मा जी को पुष्पांजलि अर्पित करते टीवी9 भारतवर्ष के न्यूज डायरेक्टर और वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा.
इस दौरान आज के लोकार्पण समारोह में हेमंत शर्मा ने मनु शर्मा जी की साहित्यिक विरासत को संजोने के लिए नवोदित साहित्यकारों के लिए हर साल 1 लाख 51 हजार के साहित्यिक सम्मान की घोषणा भी की.
अपनी लेखनी के जरिए जीवन को यज्ञ बनायाः चिदानंद सरस्वती
लोकार्पण समारोह में बोलते हुए पूज्य चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आदरणीय मनु शर्मा कहीं गए नहीं हैं, वो चोला बदलकर हेमंत शर्मा जी के रूप में बैठे हुए हैं. मनु शर्मा नाम के इस महापुरुष ने अपनी लेखनी के माध्यम से ही पूरे जीवन को यज्ञ बना दिया.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हेमंत भइया ने जिस तरह अपने पिता की साहित्यिक विरासत को संभाला है वो वंदनीय है. मनु शर्मा की रचनाएं समाज को आज भी रास्ता दिखाती हैं. मनु शर्मा जी को याद करना काशी की बौद्धिकता और समग्रता को याद करना है. अनुप्रिया पटेल ने समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित Gen Z पीढ़ी से कहा कि आज के युवाओं को मोबाइल और रील्स से निकलकर इन पुस्तकों को पढ़ना चाहिए.
पुस्तकें ही असली ज्ञान भरती हैंः DyCM पाठक
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अवसर पर कहा कि पूज्य मनु शर्मा को लिखते हुए मैंने देखा है. उन्होंने अपने हाथों से मुझे आशीर्वाद स्वरूप द्रौपदी की आत्मकथा नामक पुस्तक भी दी थी. उन्होंने कहा कि मोबाइल हमारे दिमाग में कचरा भर सकता है, जबकि पुस्तकें ही असली ज्ञान भरती हैं.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
3 छात्रों को दी गई ‘मनु शर्मा छात्रवृत्ति’: पार्थ शर्मा
इस समारोह में हमारे मनु न्यास के बारे में विस्तार से जानकारी दी स्व. मनु शर्मा के सुपौत्र और हेमंत शर्मा जी के सुपुत्र पार्थ शर्मा ने. उन्होंने बताया कि डीएवी स्कूल में ‘मनु शर्मा छात्रवृत्ति’ दी जाती है. आज इस मंच से तीन छात्रों, गौरव मौर्या, आदर्श यादव और आयुष गुप्ता को यह छात्रवृत्ति प्रदान की गई.
पार्थ शर्मा ने कहा कि आज दादा जी ऊपर से देखकर मुस्कुरा रहे होंगे कि उनकी लेखनी से निकली रोशनी किसी और का जीवन रोशन कर रही है.
स्वर्गीय मनु शर्मा के सुपौत्र पार्थ शर्मा
3 छात्रों को दी गई ‘मनु शर्मा छात्रवृत्ति’: पार्थ शर्मा
इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि दुनिया से कई देश और संस्कृतियां मिट गईं लेकिन भारत इससे बचा रहा और यह सब अपने साहित्य और संस्कृति की वजह से संभव हो पाया. इसी अमूल्य धरोहर को संजोया मनु शर्मा की रचनाओं ने. मनु शर्मा जैसे महान रचनाकारों की वजह से ये देश और उसकी संस्कृति बची हुई है. मनु शर्मा की आत्मा में कृष्ण का प्रवेश रहा है. जब भी मेरे जीवन में अवसाद के क्षण आते हैं तो मैं मनु शर्मा द्वारा रचित कृष्ण की आत्मकथा पढ़ता हूं.
हर किसी को ‘राणा सांगा’ पढ़ना चाहिएः राम बहादुर राय
वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने कहा कि हर व्यक्ति को मनु शर्मा द्वारा रचित प्रथम पुस्तक ‘राणा सांगा’ जरूर पढ़ना चाहिए. आज कैसे बाजार अपने आप को हर व्यक्ति से जोड़ लेता है, उसी तरह मन को मोड़ने की कला अगर कहीं है तो राणा सांगा नाम की पुस्तक में है.
‘मनु शर्मा छात्रवृत्ति’ से सम्मानित 3 मेधावी छात्र
रामबहादुर राय ने कहा कि मनु शर्मा जी से मेरा व्यक्तिगत मिलना जुलना रहा है. आज इस देश का नेतृत्व वो मोदी कर रहे हैं जो राजनीतिक कम हैं और सांस्कृतिक ज्यादा हैं. ऐसे समय में राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की संभावनाएं ज्यादा हैं. लोकार्पण समारोह का धन्यवाद ज्ञापन किया काशी के प्रथम नागरिक, महापौर ने. इस समारोह के आखिर में पद्मश्री और मशहूर गायिका सोमा घोष ने अपनी आवाज के जादू से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया.
‘राणा सांगा’, ‘तीन प्रश्न’ और ‘के बोले माँ तुमि अबले’, पद्मश्री मनु शर्मा की 3 किताबों के संग्रह का वाराणसी में लोकार्पण
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