UP News: गजब! 1 मिनट में 25 शब्द भी टाइप नहीं कर पाए 3 क्लर्क, DM ने डिमोट कर बना दिया चपरासी – INA

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में कार्यक्षमता को लेकर जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने पूरे कलेक्ट्रेट में हड़कंप मचा दिया है. टाइपिंग टेस्ट में निर्धारित स्पीड हासिल न कर पाने के कारण तीन कनिष्ठ लिपिकों (Clerks) को उनके पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) बना दिया गया है. कानपुर के इतिहास में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, कानपुर कलेक्ट्रेट के कैंप ऑफिस में तैनात नेहा श्रीवास्तव, अमित यादव और प्रेमनाथ यादव की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे के तहत कनिष्ठ लिपिक के पद पर हुई थी. नियमानुसार, इन कर्मचारियों को अपनी सेवा के एक वर्ष के भीतर टाइपिंग टेस्ट पास करना अनिवार्य था, जिसमें उनकी टाइपिंग स्पीड कम से कम 25 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए थी.
3 साल तक दिया गया मौका, पर रहे नाकाम
अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों बाबुओं को अपनी योग्यता साबित करने के कई मौके दिए गए. 2023-24 में पहली बार टाइपिंग टेस्ट में फेल होने पर जिलाधिकारी ने रियायत देते हुए इनकी वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) रोक दी थी और सुधार का मौका दिया था. फिर साल 2025 इस साल आयोजित हुए अंतिम परीक्षा में भी ये तीनों कर्मचारी निर्धारित 25 शब्द प्रति मिनट की गति हासिल करने में विफल रहे.
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लगातार तीन वर्षों तक योग्यता परीक्षा पास न कर पाने के कारण, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों को डिमोट (Demotion) कर चतुर्थ श्रेणी पद पर भेजने का आदेश जारी कर दिया.
प्रशासन का पक्ष
एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सेवा शर्तों के तहत टाइपिंग टेस्ट पास करना अनिवार्य था. बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद सुधार न होने पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है. अब ये तीनों कर्मचारी लिपिक के बजाय चपरासी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. इस फैसले के बाद कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति है, क्योंकि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कार्य में लापरवाही या अक्षमता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
गजब! 1 मिनट में 25 शब्द भी टाइप नहीं कर पाए 3 क्लर्क, DM ने डिमोट कर बना दिया चपरासी
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