UP News: ‘रात ढाई बजे जिंदा थीं बेटियां…’, कानपुर में जुड़वा बहनों के कातिल पिता का कबूलनामा, बताया क्यों की हत्या – INA

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले दो दिन से एक खबर ने लोगों में सनसनी फैला रखी है. दरअसल, यहां एक कलयुगी पिता ने अपनी ही दो जुड़वा बेटियों की निर्मम हत्या कर डाली. मासूम बच्चियां (रिद्धि-सिद्धि) सिर्फ 11 साल की थीं. हैरानी की बात ये है कि पिता ने हत्या के बाद खुद पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी. अब इस केस में कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं, जो वाकई आपके भी रोंगटे खड़े कर देंगी. आरोपी ने बताया कि क्यों और कैसे उसने वारदात को अंजाम दिया.
घटना किदवई नगर के एक किराए के फ्लैट में हुई जहां रविवार की रात एक हंसते-खेलते परिवार का अंत हो गया. 48 वर्षीय आरोपी शशि रंजन मिश्रा किसी समय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के तौर पर काम करता था. उसने कुछ समय पहले अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ी थी लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह बेरोजगार हो गया. बेरोजगारी के साथ-साथ वह गहरे मानसिक अवसाद और शराब की लत का शिकार हो गया. उसकी पत्नी रेशमा जो पहले ब्यूटी पार्लर में काम करती थी वह भी फिलहाल घर पर ही थी.
रेशमा ने रुंधे गले से बताया कि उनका वैवाहिक जीवन पिछले कई वर्षों से नरक बन चुका था. शशि उस पर बेवफाई का शक करता था और इसी सनक में उसने पूरे घर के अंदर CCTV कैमरे तक लगवा दिए थे ताकि वह अपनी पत्नी की हर हरकत पर नजर रख सके.
वारदात की रात क्या हुआ?
घटना वाली रात परिवार के सदस्य अलग-अलग कमरों में सोए थे. रेशमा अपने 6 साल के बेटे के साथ एक कमरे में थी जबकि शशि अपनी दोनों जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में था. दरअसल, परिवार किदवई नगर के एक किराए के फ्लैट में रहता था और दिनचर्या से उनका नाता टूट चुका था. पत्नी अपने छह साल के बेटे के साथ एक अलग कमरे में सोती थी जबकि उसका पति जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में रहता था. CCTV फुटेज की जांच से पता चला कि रात करीब ढाई बजे तक दोनों बच्चियां जीवित थीं. क्योंकि शशि एक बेटी को शौचालय ले जाते हुए कैमरे में कैद हुआ था.
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पुलिस की पूछताछ में शशि ने अपना गुनाह कबूल करते हुए जो बताया वह दिल दहला देने वाला है. उसने बताया कि पहले उसने बेटियों के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं. जब बच्चियां गहरी नींद में सो गईं और बेहोश जैसी हो गईं तब उसने पहले उनका गला घोंटा और फिर एक दिन पहले ही बाजार से खरीदे गए धारदार चाकू से उनका गला रेत दिया. बिस्तर पर संघर्ष का कोई निशान न मिलना इस बात की तस्दीक करता है कि मासूमों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
खुद पुलिस को दी जानकारी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी भागा नहीं. उसने सुबह करीब साढ़े चार बजे खुद पुलिस को फोन किया और सरेंडर कर दिया. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर का नजारा देखकर दंग रह गई. कमरे में दोनों बच्चियां खून से लथपथ पड़ी थीं. सो रही मां रेशमा को तब तक इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसके बगल वाले कमरे में उसकी कोख सूनी हो चुकी है. पुलिस के आने पर जब उसे सच्चाई पता चली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.
हत्या की वजह और जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शशि अपनी मां की मौत के बाद से काफी परेशान रहता था. नौबस्ता थाना पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी बेटियों के भविष्य की चिंता को हत्या का कारण बताया है लेकिन पुलिस इसे आर्थिक तंगी मानसिक बीमारी और शक की सनक का मिला-जुला परिणाम मान रही है. फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और चाकू व अन्य संदिग्ध सामान को कब्जे में ले लिया है.
रेशमा ने पुलिस को दिए बयान में स्पष्ट कहा है कि ऐसे व्यक्ति को समाज में रहने या जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है जिसने अपनी ही संतानों का गला रेत दिया हो. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है.
‘रात ढाई बजे जिंदा थीं बेटियां…’, कानपुर में जुड़वा बहनों के कातिल पिता का कबूलनामा, बताया क्यों की हत्या
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