UP News: पहले नशे की लत लगाई, फिर होटल में 2 साल तक रखा कैद… कानपुर में सिंघानिया परिवार की 140 करोड़ की जमीन हड़पने का स्कैम – INA

Kanpur Crime News: कानपुर के प्रतिष्ठित और उद्योगपति सिंघानिया परिवार की लगभग 140 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीनों को हड़पने के पीछे एक ऐसा सनसनीखेज और खौफनाक षड्यंत्र सामने आया है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है. दोस्ती के नाम पर शुरू हुआ यह खेल कारोबारी को नशे का आदी बनाने, दो साल तक अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर रखने और फिर करोड़ों की जायदाद कौड़ियों के भाव अपने नाम करवाने के संगीन जुर्म तक पहुंच गया.
स्वरूप नगर थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 नामजद बिल्डरों व प्रॉपर्टी डीलरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आइए जानते हैं इस पूरे वाकये की परत-दर-परत इनसाइड स्टोरी. कहानी की शुरुआत साल 2020 से होती है, जब राधा कुंज (कालपी रोड) निवासी कारोबारी प्रणवपत सिंघानिया का अपने परिवार के साथ संपत्ति को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था. इसी दौरान उनकी मुलाकात आर्य नगर के बिल्डर अनूप अस्थाना के बेटे सुयश अस्थाना से हुई.
सुयश और प्रणवपत देर रात तक गाड़ियों में साथ घूमते थे. सुयश ने नजदीकी बढ़ाते हुए प्रणवपत को गांजे और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कराना शुरू कर दिया. नशे की लत लगाने के दौरान ही सुयश ने बेहद शातिर तरीके से प्रणवपत की सभी पारिवारिक और निजी संपत्तियों का पूरा ब्योरा हासिल कर लिया. सुयश ने प्रणवपत से कहा कि उसके पिता कानपुर के बहुत बड़े बिल्डर हैं और वे इन जमीनों का मोटा दाम दिलवा सकते हैं, हालांकि शुरुआत में प्रणवपत ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था.
मई 2024 की वो खौफनाक रात: खाने-पीने का बहाना और रुमाल सुंघाकर अपहरण
जब सीधी उंगली से घी नहीं निकला, तो आरोपियों ने खौफनाक प्लान-बी को अंजाम दिया. मई 2024 की रात लगभग 9:30 बजे बेनाझाबर जलकल कार्यालय के सामने सुयश ने प्रणवपत को रोका. जब प्रणवपत ने नशा करने से मना किया, तो सुयश ने कहा- कोई बात नहीं, पास के होटल में चलकर कुछ खा-पी लेते हैं. इसी दौरान वहां एक होंडा एकॉर्ड कार आकर रुकी, जिसे सुयश के पिता बिल्डर अनूप अस्थाना चला रहे थे और उसमें रमित मिश्रा भी मौजूद था.
गाड़ी में बैठाकर जैसे ही संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया गया और प्रणवपत ने विरोध किया, आरोपियों ने उन्हें रुमाल में नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया. होश आने पर प्रणवपत ने खुद को स्वरूप नगर स्थित एक दफ्तर में पाया, जहां उनके साथ मारपीट की गई और नशीले इंजेक्शंस का ओवरडोज देकर पूरी तरह बेबस कर दिया गया.
होटलों में बंधक और रजिस्ट्रार को दफ्तर बुलाकर 40 करोड़ की जमीन 6 करोड़ में लिखवाई
आरोपियों ने प्रणवपत को पूरी तरह अपनी मुट्ठी में करने के लिए उन्हें दो साल तक शहर के अलग-अलग नामचीन होटलों में बंधक बनाए रखा. बंधक रहने के दौरान प्रणवपत को नशे की भारी डोज दी जाती रही ताकि वे मानसिक रूप से फैसले लेने की स्थिति में न रहें. इसी अवस्था में उनसे कई कोरे कागजातों और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लिए गए. हद तो तब हो गई जब प्रणवपत की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर सब-रजिस्ट्रार को सीधे दफ्तर में बुलाया गया.
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राधाकुंज स्थित लगभग 17 हजार वर्ग गज जमीन में प्रणवपत के हिस्से (कीमत लगभग 40 करोड़) का सौदा महज 6.03 करोड़ में करा लिया गया. कुछ रकम प्रणवपत के खाते में डालकर बाकी धनराशि आरोपियों ने अपने चहेतों और फर्जी खातों में ट्रांसफर करा ली. इसके अलावा कूपरगंज स्थित 10 करोड़ की एक और संपत्ति भी हड़प ली गई.
जुलाई में दर्ज हुई शिकायत से खुला राज, 3 बिल्डर गिरफ्तार
इस पूरे खौफनाक नेटवर्क की पोल तब खुली जब पारिवारिक विवाद की जांच में पुलिस ने जुलाई में प्रणवपत के बयान दर्ज किए. शरदपत सिंघानिया द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत की जांच के दौरान जब पुलिस ने प्रणवपत से पूछताछ की, तो उन्होंने रोते हुए अपने साथ हुई इस अमानवीय दास्तान का खुलासा कर दिया.
स्वरूप नगर पुलिस ने प्रणवपत की तहरीर पर अनूप अस्थाना, सुयश अस्थाना, श्रीराम उर्फ रमित मिश्रा और बृजेंद्र नाथ मिश्रा उर्फ ‘बेबी बिल्डर’ सहित 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शंस, प्रॉपर्टी के कागजातों और बिना आईडी के दो साल तक ग्राहक को बंधक रखने वाले होटल संचालकों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है.
पहले नशे की लत लगाई, फिर होटल में 2 साल तक रखा कैद… कानपुर में सिंघानिया परिवार की 140 करोड़ की जमीन हड़पने का स्कैम
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