UP News: कबाब-पराठे की दुकान से अतीक अहमद के खास शूटर तक… उमेश पाल हत्याकांड वाले अरमान बिहारी की कहानी, गुड्डू मुस्लिम बना था कड़ी – INA

Atiq Ahmed Shooter Arman Bihari: कभी रोजी-रोटी के लिए बिहार के गया से प्रयागराज आया एक युवक कबाब-पराठे की दुकान चलाता था. आज वही युवक उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख रुपए का इनामी आरोपी है. नाम है अरमान उर्फ अरमान बिहारी. पुलिस के मुताबिक, करीब 11 साल पहले प्रयागराज आने के बाद अरमान की मुलाकात गुड्डू मुस्लिम से हुई. इसके बाद उसकी पहचान अतीक अहमद के परिवार और उसके करीबियों से बढ़ती गई. अब उमेश पाल हत्याकांड की जांच में पुलिस अरमान से कई सवालों के जवाब तलाशना चाहती है.
गया से प्रयागराज आया था अरमान
पुलिस के मुताबिक, अरमान बिहार के गया का रहने वाला है. करीब 11 साल पहले वह रोजी-रोटी की तलाश में प्रयागराज आया था. यहां राजापुर इलाके में उसने कबाब-पराठे की दुकान शुरू की. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि दुकान चलाने वाला यह युवक आगे चलकर अपराध की दुनिया में चर्चित नाम बन जाएगा. राजापुर में दुकान चलाने के दौरान अरमान की मुलाकात गुड्डू मुस्लिम से हुई. पुलिस के अनुसार, गुड्डू मुस्लिम से संपर्क बढ़ने के बाद अरमान धीरे-धीरे अतीक अहमद के परिवार और उसके करीबियों के संपर्क में आने लगा.
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गुड्डू मुस्लिम से मुलाकात ने बदली जिंदगी
गुड्डू मुस्लिम के संपर्क में आने के बाद अरमान की पहचान अतीक अहमद के कई करीबियों से हुई. इनमें नफीस बिरयानी और साबिर समेत कई नाम बताए जाते हैं. इसी दौरान अरमान की अतीक परिवार के साथ भी नजदीकियां बढ़ीं. पुलिस का दावा है कि अरमान की कुछ तस्वीरें अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के साथ भी सामने आई थीं. इसके बाद वह धीरे-धीरे अपराध से जुड़े लोगों के नेटवर्क में शामिल होता चला गया. एक समय तक परिवार चलाने के लिए कबाब-पराठे की दुकान करने वाला अरमान अब पुलिस रिकॉर्ड में उमेश पाल हत्याकांड का आरोपी बन चुका था.
24 फरवरी 2023 को हुई थी उमेश पाल की हत्या
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के सुलेम सराय इलाके में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके सरकारी सुरक्षाकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. इस वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश में सनसनी फैला दी थी. जांच के दौरान कई आरोपियों के नाम सामने आए. पुलिस के मुताबिक, अरमान भी इस हत्याकांड में शामिल था. पुलिस का दावा है कि वारदात के दौरान अरमान बाइक चला रहा था और उसके पीछे गुड्डू मुस्लिम बैठा था. हमले के बाद अरमान मौके से फरार हो गया. इसके बाद प्रयागराज पुलिस और STF उसकी तलाश में जुट गई.
गया पहुंचकर पुराने मामले में किया सरेंडर?
उमेश पाल हत्याकांड के बाद अरमान वापस बिहार के गया पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक, यूपी पुलिस से बचने के लिए उसने वर्ष 2022 के एक पुराने फायरिंग मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया. इसके बाद वह जेल चला गया. पुलिस के अनुसार, जिस अरमान की तलाश प्रयागराज पुलिस और STF कर रही थी, वह करीब साढ़े तीन साल तक गया सेंट्रल जेल में बंद रहा. इस दौरान प्रयागराज पुलिस को उसके जेल में होने की जानकारी नहीं थी. पुलिस को इसी साल सितंबर में उसके गया जेल में बंद होने की जानकारी मिली. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई और उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाया गया.
सफेद गमछे से चेहरा ढककर कोर्ट पहुंचा अरमान
बीते सोमवार शाम पांच लाख रुपए के इनामी अरमान को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज की एससी/एसटी कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ले जाते समय उसने सफेद गमछे से अपना चेहरा ढक रखा था. अरमान की सुरक्षा में करीब 40 पुलिसकर्मी लगाए गए थे. कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिसकर्मी, पीएसी, तीन एसीपी और बिहार पुलिस के कमांडो भी तैनात रहे. पुलिस की कोशिश थी कि अरमान को कोर्ट तक लाने और वापस ले जाने के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो.
कोर्ट ने निशुल्क कानूनी सहायता देने का आदेश दिया
प्रयागराज की स्पेशल जज एससी/एसटी कुमार मयंक की अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड से जुड़ी कार्रवाई पूरी की. अदालत ने अरमान से पूछा कि क्या उसे अपनी पैरवी के लिए वकील की जरूरत है. इस पर अरमान ने निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. अदालत ने उसके अनुरोध को स्वीकार कर लिया. अदालत ने उसे मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज और आरोपों की प्रतियां उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया.
हालांकि, सोमवार की सुनवाई में पुलिस ने अरमान की पुलिस कस्टडी रिमांड यानी PCR की मांग नहीं की. अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 14 दिन बाद की तारीख तय की. ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अरमान को वापस गया सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया गया.
पुलिस कस्टडी में पूछे जाएंगे कई सवाल
अब प्रयागराज पुलिस अरमान की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है. पुलिस की पूछताछ में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उमेश पाल की हत्या के बाद अरमान किन लोगों के संपर्क में था. वारदात के बाद वह प्रयागराज से गया कैसे पहुंचा और वहां उसे किसने मदद दी, इसकी भी जांच की जाएगी. इसके अलावा पुलिस यह जानना चाहती है कि पुराने फायरिंग मामले में सरेंडर करने का फैसला अरमान ने खुद लिया था या किसी ने उसे ऐसा करने की सलाह दी थी.
अतीक परिवार से कनेक्शन की भी होगी जांच
पुलिस की नजर अरमान के अतीक अहमद के परिवार और उसके करीबियों के साथ संबंधों पर भी है. पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि अरमान किन-किन लोगों के संपर्क में था. पुलिस को उम्मीद है कि अरमान से पूछताछ में उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े कुछ ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जिनसे फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिले. खास तौर पर पुलिस यह पता करना चाहती है कि वारदात के बाद फरार हुए आरोपियों ने कहां-कहां शरण ली और उनके बीच किस तरह संपर्क बना रहा.
गुड्डू मुस्लिम और साबिर की तलाश जारी
उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की गिरफ्तारी के बाद जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इस मामले में पांच लाख रुपए के इनामी गुड्डू मुस्लिम और साबिर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं. इसके अलावा अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन, उसके भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और अतीक की बहन आयशा नूरी के खिलाफ भी पुलिस की कार्रवाई जारी है.
दुकान से अपराध की दुनिया तक पहुंची कहानी
अरमान की कहानी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि करीब 11 साल पहले वह गया से प्रयागराज रोजी-रोटी की तलाश में आया था. राजापुर में कबाब-पराठे की दुकान से उसने अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी. पुलिस के मुताबिक, गुड्डू मुस्लिम से हुई मुलाकात के बाद उसके संपर्क अपराध की दुनिया के लोगों से बढ़ते गए. इसके बाद उसका नाम अतीक अहमद के नेटवर्क और उमेश पाल हत्याकांड से जुड़ गया.
अब पुलिस कस्टडी में होने वाली पूछताछ से यह सामने आने की उम्मीद है कि अरमान इस पूरे नेटवर्क में किस भूमिका में था और उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसने किन लोगों की मदद से खुद को पुलिस की नजरों से दूर रखा. पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी इस चर्चित हत्याकांड की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है.
कबाब-पराठे की दुकान से अतीक अहमद के खास शूटर तक… उमेश पाल हत्याकांड वाले अरमान बिहारी की कहानी, गुड्डू मुस्लिम बना था कड़ी
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