UP News: लव मैरिज से ट्रिपल मर्डर तक… 1 करोड़ की मांग, बहन से विवाद और पत्नी पर शक ने उजाड़ दी 3 जिंदगियां, लखनऊ केस की Inside Story – INA

Lucknow Crime News: बहन के तलाक का विवाद, पत्नी पर शक और फिर… तीन मौतें. पति-पत्नी ने लव मैरिज कर साथ जीने का फैसला किया था. वहीं भाई-बहन ने माता-पिता के बाद एक-दूसरे का हाथ थामकर जिंदगी आगे बढ़ाई थी. लेकिन समय के साथ रिश्तों में शक, विवाद और कानूनी लड़ाई इतनी गहरी होती चली गई कि आखिरकार एक ही दिन में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं. हुसैनगंज की इस वारदात ने रिश्तों के उस दर्दनाक पहलू को सामने ला दिया है, जहां बातचीत और भरोसे की जगह शक और गुस्सा हावी हो गया.

पुलिस के मुताबिक, मृतक मानस के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका था. साल 2016 में पिता राबिन बाजपेई की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारियां मानस और उसकी बहन तुलिका पर आ गई थीं. इसी दौरान मानस की मुलाकात दिव्या से हुई और वर्ष 2017 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया. शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चला, लेकिन धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया.

साल 2018 में मानस की मां को कैंसर होने के बाद दिव्या दोबारा परिवार के साथ रहने लगीं. हालांकि, बहन तुलिका को लेकर दोनों के बीच विवाद बना रहा. तुलिका मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही थी और दिव्या उसके साथ रहने को तैयार नहीं थीं. इसी खींचतान के बीच दिव्या घर छोड़कर चली गईं. बाद में बातचीत से दोनों फिर साथ आए, लेकिन रिश्ते में पड़ी दरार पूरी तरह भर नहीं सकी.

2019 में मानस की मां की मौत के बाद दिव्या एक बार फिर अलग हो गईं. कुछ समय बाद बातचीत के जरिए दोनों के बीच संबंध सामान्य हुए, लेकिन 2025 में फिर विवाद खड़ा हो गया. नवंबर में दिव्या घर छोड़कर चली गईं. इस बार मामला केवल पति-पत्नी के बीच मनमुटाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तलाक और भरण-पोषण के मुकदमों तक पहुंच गया.

कोर्ट में दायर किए तीन मुकदमे

जनवरी में दिव्या ने फैमिली कोर्ट में दायर किए गए तीन मुकदमों, तलाक, भरण-पोषण और अन्य कानूनी विवादों में कार्रवाई आगे बढ़ाई. मार्च में मानस ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोबारा साथ रहने की इच्छा जताई, लेकिन दिव्या इसके लिए तैयार नहीं थीं. बताया जा रहा है कि भरण-पोषण को लेकर करीब एक करोड़ रुपये की मांग ने भी विवाद को और गंभीर कर दिया.

फिर शक ने रिश्ते की आखिरी डोर भी तोड़ दी. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मानस को दिव्या की किसी अन्य व्यक्ति से नजदीकी का शक होने लगा था. इसी बीच गुरुवार को मिठाईवाला चौराहे के पास दोनों की मुलाकात हुई. पुलिस के मुताबिक, मानस ने दिव्या से कहा था कि वह इस अध्याय का अंत करना चाहता है. इसके कुछ ही देर बाद घटनाओं की वह कड़ी शुरू हुई, जिसने तीन परिवारों को हमेशा के लिए बदल दिया.

दिव्या की गोली मारकर हत्या

CCTV और पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, करीब 11:45 बजे मानस ICICI बैंक के बाहर पहुंचा. इसके कुछ देर बाद दिव्या भी वहां पहुंचीं. करीब 11:59 बजे दोनों बैंक से बाहर निकले. इसके बाद मानस ने दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के बाद वह हुसड़िया चौराहा स्थित अपने घर पहुंचा, जहां उसकी बहन तुलिका मौजूद थी. करीब 12:45 बजे मानस ने बहन की भी गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली.

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एक पति-पत्नी का रिश्ता, जो प्रेम से शुरू हुआ था, शक और विवाद में खत्म हुआ. दूसरी ओर माता-पिता की मौत के बाद जिस बहन के साथ मानस ने जीवन की मुश्किलें साझा की थीं, वही बहन भी उसके गुस्से की शिकार हो गई. कुछ ही देर में पत्नी, बहन और फिर खुद मानस की जिंदगी खत्म हो गई.

मानस के व्यवहार में बदलाव

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खूनी वारदात के पीछे आखिर कौन-कौन से कारण थे. दिव्या की हत्या के पीछे कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है, जबकि मानस के दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि मानस पिछले करीब तीन महीने से ऑडिट के सिलसिले में शहर से बाहर था और लौटने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव की जानकारी सामने आई है.

ये घटना सिर्फ तीन मौतों की कहानी नहीं, बल्कि टूटते भरोसे, बढ़ते शक और लंबे समय तक चले रिश्तों के विवाद की वह त्रासदी है, जिसमें अंत में किसी की जीत नहीं हुई—सिर्फ तीन जिंदगियां हार गईं.

लव मैरिज से ट्रिपल मर्डर तक… 1 करोड़ की मांग, बहन से विवाद और पत्नी पर शक ने उजाड़ दी 3 जिंदगियां, लखनऊ केस की Inside Story


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