UP News: टकसाल सिनेमा गोलीकांड में कैसे बरी हुए अभय, विनीत समेत 6 आरोपी? ये हैं टर्निंग पॉइंट – INA

उत्तर प्रदेश में टकसाल सिनेमा गोलीकांड मामले में विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह समेत छह आरोपियों को बरी होने की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस मामले में वो तीन पॉइंट जो इस केस में टर्निंग पॉइंट साबित हुए! जिसके बाद अभय, विनीत सिंह छह आरोपी बरी हो गए.
पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत पांच लोगों पर एके 47 से ताबड़तोड़ फायरिंग करने के मामले में 24 साल बाद आज बड़ा फैसला आया है. एमपी/एमएलए कोर्ट से मुख्य आरोपी और गोसाईगंज से बागी सपा विधायक अभय सिंह और बीजेपी एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी छह आरोपी बरी कर दिए गए हैं. 4 अक्टूबर 2002 को मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में जज यजुवेन्द्र विक्रम सिंह के कोर्ट ने बुधवार दोपहर 1:20 पर फैसला सुनाया और कोर्ट परिसर में ही अभय सिंह जिंदाबाद और हर हर महादेव के नारे लगने लगे.
वो तीन पॉइंट जो टर्निंग पॉइंट साबित हुए
अभय सिंह के वकील वरुण सिंह ने टीवी 9 डिजिटल को बताया कि अभी चूंकि डिटेल जजमेंट की कॉपी नही मिली है इसलिए विस्तार से बताना तो अभी मुश्किल है लेकिन इस केस से जुड़ी वो तीन बातें जो हमारे पक्ष में गईं.
1.जिस गाड़ी पर गोली चली वो कभी कस्टडी में ली ही नही गई. बताया जाता है किएफआईआर दर्ज होने के दिन से जिस सफारी गाड़ी पर गोली चलने की बात थी उसको कभी कस्टडी में लिया ही नही गया. उसका कभी क्रॉस एग्जामिन ना कराया जाना और वो गाड़ी नंबर जो सफारी का बताया जा रहा था वो किसी जेसीबी का नंबर निकला. वकील वरुण सिंह ने बताया कि मुझे लगता है कि ये इस केस का टर्निंग पॉइंट नंबर वन बना.
2.जिस मोबाइल नंबर से धनंजय ने घटना की जानकारी दी जैसा कि उन्होंने बयान में बताया था वो नंबर उनको 2006 में अलॉट किया गया था. ये इस केस का दूसरा टर्निंग पॉइंट था.
3.’प्ली ऑफ एलीबाई’ यानी कि घटना वाले दिन विधायक अभय सिंह 250 किलोमीटर दूर फैजाबाद में अपना इलाज करा रहे थे. ये इस केस का तीसरा और सबसे मजबूत टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. इसके अलावा जो धनंजय सिंह का मेडिकल रिपोर्ट आया वो नक्शा नजरी से मेल नही खा रहा था. तो ये सारे पॉइंट मुझे लगता है कि हमारे पक्ष में फैसला आने का आधार बने.
क्या था 4 अक्टूबर 2002 का टकसाल सिनेमा गोली कांड?
4 अक्टूबर 2002 को करीब 3:30 बजे टकसाल सिनेमा में लगी बिपाशा बसु और डीनो मोरिया की फ़िल्म गुनाह का मैटिनी शो शुरू होने ही वाला था. कुछ लोग सिनेमा हॉल के अंदर जा चुके थे जबकि कुछ लोग जा रहे थे कि इसी बीच टकसाल सिनेमा के पास से एक सफारी गुजर रही थी और सड़क की दूसरी तरफ पहले से ही खड़ी बोलेरो गाड़ी से कुछ लोग फायरिंग शुरू कर दिए. फायरिंग शुरू होते ही सफारी गाड़ी से भी फायरिंग शुरू हो गई. दिनदहाड़े करीब सौ राउंड गोलियां चलीं और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा उठा. ये बनारस का पहल ओपन शूट आउट मामला था.
सफारी में तत्कालीन रारी विधायक धनंजय सिंह और उनके लोग थे जबकि बोलेरो में अभय सिंह और विनीत सिंह समेत आधा दर्जन लोग थे. इस गोली कांड में रारी विधायक धनंजय सिंह समेत पांच लोग बुरी तरह से घायल हो गए थें.
टकसाल सिनेमा गोलीकांड में कैसे बरी हुए अभय, विनीत समेत 6 आरोपी? ये हैं टर्निंग पॉइंट
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