UP News: Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर UP में ट्रैफिक प्लान लागू, जानिए कहां-कहां बंद रहेंगे रास्ते और किन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन – INA

Kanwar Yatra 2026: सावन के महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं. इस बार भी 30 जुलाई से कांवड़ियों की भारी संख्या उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार किया है. गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत और सहारनपुर सहित कई जिलों में चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा. कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी, जबकि कुछ हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सामान्य वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा.
गाजियाबाद में तैयार हुआ विशेष ट्रैफिक प्लान
DCP ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ियों के लिए पारंपरिक मार्ग तैयार किए गए हैं. कांवड़िए मुख्य रूप से तीन रास्तों से गाजियाबाद में प्रवेश करेंगे. इन तीनों मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. कांवड़ियों की संख्या के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा.
- 1- गंग नहर पटरी मार्ग
- 2- मोदीनगर-कादराबाद मार्ग
- 3- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से डाक कांवड़ मार्ग
इन हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर रहेगा असर- कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (DME) पर सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे- 7 अगस्त सुबह 8 बजे से 11 अगस्त तक उत्तर प्रदेश वाले हिस्से पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. दिल्ली से मेरठ जाने वाले वाहनों को डासना इंटरचेंज से NH-9 के रास्ते हापुड़ होकर मेरठ भेजा जाएगा. डाक कांवड़ के लिए DME का उपयोग विशेष मार्ग के रूप में किया जाएगा.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे- इस बार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे राहत का बड़ा विकल्प बनेगा. इस मार्ग से बागपत, सहारनपुर और देहरादून जाने वाले वाहन अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. प्रशासन ने इसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (EPE)- EPE पूरी तरह खुला रहेगा. यहां से आने वाले वाहन डासना इंटरचेंज होकर NH-9 के जरिए अपने गंतव्य तक जा सकेंगे.
गंगा एक्सप्रेस-वे- दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से सिंभावली कट तक पहुंचकर वहां से लखनऊ, संभल, बरेली और मुरादाबाद की ओर जा सकेंगे.
किन रास्तों पर रहेगा डायवर्जन
30 जुलाई से 11 अगस्त तक गाजियाबाद में चरणबद्ध ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा. इन स्थानों पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को आवश्यकता के अनुसार NH-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे की ओर मोड़ा जाएगा.
- दिल्ली-मेरठ रोड (पुराना NH-58).
- मेरठ तिराहा.
- मोदीनगर.
- मुरादनगर.
- तिलामोड़.
- दुहाई.
- मोहन नगर.
- राजनगर एक्सटेंशन.
- हापुड़ चुंगी.
कहां-कहां भारी वाहनों की एंट्री बंद?
प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर ट्रक, डंपर, ट्रेलर और अन्य व्यावसायिक मालवाहक वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है.
- गाजियाबाद के सभी कांवड़ मार्ग.
- मेरठ NH-58 और दिल्ली-मेरठ रोड.
- मुजफ्फरनगर में 30 जुलाई से भारी वाहनों पर रोक.
- बागपत और सहारनपुर के कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों का डायवर्जन.
- इन मार्गों पर पूरी तरह बंद रहेगी आवाजाही.
प्रशासन के अनुसार, कुछ मार्गों पर निर्धारित अवधि में सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. इस दौरान किसी भी प्रकार के वाहन इन रास्तों पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे. अगर गलती से चढ़ भी गए तो उन्हें वापस लौटना पड़ेगा. इन मार्गों पर केवल कांवड़ियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति मिलेगी.
- 7 से 11 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उत्तर प्रदेश हिस्सा.
- 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे.
- 4 अगस्त से 12 अगस्त तक गंग नहर पटरी मार्ग (मुजफ्फरनगर क्षेत्र).
सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम
- गाजियाबाद प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.
- करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे.
- 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से पूरे रूट की निगरानी होगी.
- मेरठ तिराहे पर मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया है.
- पांच सब-कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं.
- वायरलेस संचार व्यवस्था के जरिए पूरे रूट पर निगरानी रखी जाएगी.
छोटी गंगा पर विशेष व्यवस्था
गाजियाबाद की छोटी गंगा (छोटा हरिद्वार) पर हर साल बड़ी संख्या में कांवड़िए विश्राम करते हैं. यहां नगर निगम की ओर से विशेष शिविर लगाया गया है.
- पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात रहेगी.
- डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था रहेगी.
- पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
कांवड़ियों के लिए विशेष नियम
- डाक कांवड़ में इस्तेमाल होने वाले डीजे वाहनों के लिए भी नियम तय किए गए हैं.
- डीजे वाहन का अधिकतम आकार 10×12 फीट होगा.
- निर्धारित मार्गों पर ही डाक कांवड़ निकाली जाएगी.
- सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा.
दिल्ली में कांवड़ को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
वहीं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी है. इस दौरान कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर 15 दिनों के लिए रोक रहेगी और यमुना पार समेत कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा. दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़ियों के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं, जबकि महाराजपुर, अप्सरा बॉर्डर, सीमापुरी, भोपुरा, सोनिया विहार और लोनी बॉर्डर से सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी.
नई दिल्ली, वेस्टर्न रेंज, आउटर रिंग रोड, कालिंदी कुंज, मथुरा रोड, चिराग दिल्ली, आईआईटी फ्लाईओवर और आया नगर बॉर्डर तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का संचालन डायवर्ट रूट से किया जाएगा. कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 3,000 से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. राजधानी में करीब 243 कांवड़ शिविर बनाए जा रहे हैं, जहां 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी. शिविरों के आसपास भारी वाहनों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर कारों की आवाजाही भी नियंत्रित की जाएगी.
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें. जिन लोगों को दिल्ली, मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ या नोएडा की ओर जाना है, वे NH-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें.
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए 30 जुलाई से सावन शिवरात्रि तक चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए जाएंगे, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके.
Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर UP में ट्रैफिक प्लान लागू, जानिए कहां-कहां बंद रहेंगे रास्ते और किन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
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