UP News: Weather Update: मानसून की रफ्तार थमी, बारिश को तरसे 372 जिले… जानिए दिल्ली-UP समेत राज्यों में कैसा रहेगा मौसम – INA

Weather News: देशभर में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से खेती-किसानी पर संकट गहराता नजर आ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जहां मंगलवार को कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार कमजोर मानसून और घटती बुआई को लेकर चिंतित है. सरकार के मुताबिक, देश के 372 जिलों में मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है, जबकि 68 जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं. फिलहाल 20 जुलाई तक व्यापक बारिश की संभावना नहीं है. केवल तराई क्षेत्रों में ही हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20 जुलाई के बाद मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है.

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार, मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है. गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है.

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दिल्ली-NCR में हल्की बारिश के आसार

दिल्ली-NCR में फिलहाल भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि तापमान में बहुत अधिक गिरावट की संभावना नहीं है.

उत्तर भारत में हिमालयी राज्यों पर रहेगा बारिश का जोर

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में केवल छिटपुट बारिश होने के आसार हैं.

राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में हल्की बारिश जरूर हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल नहीं है.

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत में बिहार में भारी बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है.

कमजोर मानसून से खेती पर बढ़ी चिंता

मानसून की सुस्त चाल का सबसे ज्यादा असर खेती पर दिखाई दे रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस समय तक करीब एक करोड़ हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुआई हुई है. यही वजह है कि केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. सरकार का मानना है कि यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय हो जाता है तो खेती की स्थिति में सुधार संभव है. इस बार मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए बुआई का सीजन अगस्त के मध्य तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जबकि सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया जुलाई के अंत तक पूरी हो जाती है.

20 जुलाई के बाद सुधर सकते हैं हालात

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल 20 जुलाई तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है. हालांकि इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नई मौसमी गतिविधियां बनने की उम्मीद है, जिससे मानसून फिर सक्रिय हो सकता है. यदि ऐसा होता है तो बारिश की कमी पूरी होने के साथ-साथ बुआई और खरीफ फसलों की स्थिति में भी तेजी से सुधार आने की संभावना है. फिलहाल सरकार और मौसम विभाग दोनों की नजर आगामी दिनों की मौसमी गतिविधियों पर टिकी हुई है.

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