UP News: कौन है कपिल मिश्रा जिनकी मायावती ने मंच से की तारीफ, ब्राहम्णों को बसपा से जोड़ने का दिया टारगेट – INA

UP News: कौन है कपिल मिश्रा जिनकी मायावती ने मंच से की तारीफ, ब्राहम्णों को बसपा से जोड़ने का दिया टारगेट – INA

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में एक रैली में मंच से कपिल मिश्रा की जमकर तारीफ की. कपिल, जो बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और मायावती के करीबी सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे हैं, अपनी मेहनत और समर्पण से पार्टी में एक नया मुकाम बना रहे हैं. मायावती ने मंच से कहा, “कपिल मिश्रा बढ़िया काम कर रहा है. इस रैली में मेडिकल कैंप लगाकर फ्री सेवा का अच्छा काम किया है.” उन्होंने सतीश मिश्रा को भी सलाह दी कि वे अपने समाज, यानी ब्राह्मण समुदाय को पार्टी से जोड़ने और मीडिया से बेहतर तालमेल बनाने में और मेहनत करें. इस तारीफ ने कपिल मिश्रा को सुर्खियों में ला दिया है, और उनकी सक्रियता अब बीएसपी के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत दे रही है.

1986 में जन्मे कपिल मिश्रा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) से पूरी की. इसके बाद उन्होंने नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की. पेशे से वकील कपिल पिछले एक दशक से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन उनकी असली पहचान अब बीएसपी के एक उभरते हुए युवा चेहरे के रूप में बन रही है. कपिल अपने पिता सतीश चंद्र मिश्रा की तरह न केवल वकालत की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि उनकी सियासी विरासत को संभालने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं.

पिता की साये में सियासी पारी की शुरुआत

सतीश चंद्र मिश्रा, जो बीएसपी में मायावती के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हैं, लंबे समय से पार्टी के सोशल इंजीनियरिंग मॉडल के सूत्रधार रहे हैं. 2007 में बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम थी, जब उन्होंने दलित-ब्राह्मण गठजोड़ को मजबूत किया. अब सतीश अपने बेटे कपिल को इसी रास्ते पर तराश रहे हैं. कपिल हर कार्यक्रमो में अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आते हैं. हालांकि, वे अभी तक किसी राजनीतिक मंच से संबोधन नहीं कर रहे, लेकिन उनकी मौजूदगी और सक्रियता सियासी संकेत दे रही है.

युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता

कपिल मिश्रा युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हो रहे हैं. वे यूथ सम्मेलनों में हिस्सा लेते हैं और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से सीधा संवाद करते हैं. कपिल खुद ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं और बीएसपी के यूट्यूब चैनल की लाइव स्ट्रीमिंग सहित पार्टी के सोशल मीडिया मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी संभालते हैं. कपिल मिश्र मीडिया कर्मियों से बेहतर तालमेल है.

मायावती की तारीफ और सियासी भविष्य

मायावती द्वारा मंच से की गई तारीफ ने कपिल मिश्रा के सियासी कद को और मजबूत किया है. मायावती ने जहां कपिल के मेडिकल कैंप जैसे सामाजिक कार्यों की सराहना की, वहीं सतीश मिश्रा को ब्राह्मण समुदाय को पार्टी से जोड़ने की सलाह दी. यह साफ संकेत है कि कपिल को बीएसपी में एक अहम भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है. जिस तरह मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी का सियासी वारिस बना रही हैं, उसी तरह सतीश मिश्रा अपने बेटे कपिल को अपनी विरासत सौंपने की दिशा में काम कर रहे हैं.

मेडिकल कैंप से लेकर सोशल मीडिया तक

कपिल मिश्रा की सक्रियता केवल सियासी मंचों तक सीमित नहीं है. वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. हाल की रैली में उनके द्वारा आयोजित मेडिकल कैंप ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि मायावती जैसी सख्त नेता का दिल भी जीता. इसके अलावा, कपिल टीएस मिश्रा मेडिकल के वाइस प्रेसिडेंट भी हैं, जहां वे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं.

क्या है कपिल का सियासी भविष्य?

35 साल की उम्र में कपिल मिश्रा बीएसपी मे पिता सतीश चंद्र मिश्रा की तरह मजबूत स्तंभ बनते जा रहे हैं. उनकी सक्रियता और पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अंदाज साफ तौर पर सियासी इरादे जाहिर करता है. कपिल की युवा अपील, सोशल मीडिया पर पकड़ और सामाजिक कार्यों में सक्रियता उन्हें बीएसपी के भविष्य के एक मजबूत नेता के तौर पर तैयार हो रहें है. सतीश चंद्र मिश्रा की सोशल इंजीनियरिंग को कपिल न केवल जमीन पर उतार रहे हैं, बल्कि युवाओं और सोशल मीडिया के जरिए पार्टी को एक नया चेहरा भी दे रहे हैं. आने वाले समय में कपिल मिश्रा का नाम उत्तर प्रदेश की सियासत में और बड़े स्तर पर सुनाई दे सकता है.

कौन है कपिल मिश्रा जिनकी मायावती ने मंच से की तारीफ, ब्राहम्णों को बसपा से जोड़ने का दिया टारगेट




[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1] #INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button