यूपी- UP: दंगा भड़काने, बंधक बनाने जैसे आरोप कोर्ट ने किए तय… RLD विधायक मिथलेश कुमार की बढ़ी मुश्किलें – INA

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आरएलडी की से चुनी गईं विधायक मिथलेश पाल और उनके साथ 14 अन्य विधायक एमपी/एमएलए अदालत में पेश हुए. उनके खिलाफ ट्रैफिक को जाम करने को लेकर कई आरोप लगाए गए. आरोप में कहा गया कि विरोध प्रदर्शन के कारण भयंकर ट्रैफिक जाम हो गया. रोड को ब्लॉक की स्थिति बन गई.

लोगों को आने-जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा. स्पेशल जज देवेंद्र सिंह फौजदार ने इस मामले में विधायक मिथलेश पाल और 14 अन्य विधायकों पर आईपीसी की धाराओं के तहत दंगा भड़काने, गलत तरीके से बंधक बनाने जैसे आरोप तय किए हैं. इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जनवरी, 2025 की तारीख तय की गई है.

सड़क को किया था जाम

मिथलेश पाल के वकील किरणपाल ने इस मामले के बारे में बताया कि विधायक समेत 15 लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 25 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया गया था. आरोपी के वकील के मुताबिक, विधायक और अन्य ने धनगर जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर महावीर चौक के पास धरना दिया था और सड़क को जाम कर दिया था. पाल हाल ही में मीरापुर विधानसभा उपचुनाव में रालोद विधायक चुनी गई हैं. मीरापुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आए थे.

मिथलेश पाल जानसठ रोड के पास भरतिया कॉलोनी की रहने वाली हैं. उन्होंने 2012 में भी मीरापुर सीट से रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा था. 2012 के चुनावों में वो दूसरे नंबर पर रही थीं. उन्हें बसपा के जमील अहमद कासमी ने चुनाव हराया था. एक बार फिर उन्होंने 2017 में मीरापुर सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया. इस बार भी वो चुनाव नहीं जीतीं और तीसरे स्थान पर रहीं थीं. 2017 के चुनाव में उन्हें बीजेपी के अवतार सिंह भड़ाना ने हराया था. अब मीरापुर सीट से चुनाव जीतने के बाद वो एमपी/एमएलए कोर्ट पहुंची. उनपर दंगा भड़काने, बंधक बनाने वाली आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.


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