इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा:50 हजार फीट ऊपर तक पहुंची राख, 301 उड़ानें प्रभावित, कई यात्री एयरपोर्ट पर फंसे- INA NEWS

इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गई। इससे जावा और सुमात्रा के कई इलाकों में हवाई यात्रा प्रभावित हुई। जकार्ता के मुख्य सोएकार्नो-हट्टा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकनी पड़ीं। एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, इससे 301 उड़ानें प्रभावित हुईं। इनमें 58 इंटरनेशनल फ्लाइट थीं। कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। राख के कारण रनवे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं ज्वालामुखी की राख हवा के साथ उड़कर एयरपोर्ट तक पहुंच गई थी। इसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। सिंगापुर एयरलाइंस ने रविवार की जकार्ता आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दीं। एयरएशिया ने भी कई उड़ानें रद्द या री-शेड्यूल कीं। गरुड़ इंडोनेशिया ने यात्रियों से एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति और आधिकारिक डिजिटल चैनल चेक करने को कहा। लोगों को सावधान रहने की सलाह ज्वालामुखी की राख आसपास के इलाकों में भी फैल गई। ज्वालामुखी फटने के बाद कई लोगों की आंखों में जलन भी हुई। राख के कारण मछुआरों ने भी समुद्र में जाना और मछली पकड़ना बंद कर दिया। इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी BNPB ने लोगों से सावधान रहने को कहा है। लोगों को मास्क और आंखों पर चश्मा लगाने की सलाह दी गई है। इंडोनेशिया के 5 ज्वालामुखी अलर्ट लेवल-3 पर अनाक क्राकाटोआ में शुक्रवार देर रात से लगातार विस्फोट हो रहे हैं। यह 2 जुलाई से अलर्ट लेवल-3 पर है। इंडोनेशिया में यह दूसरा सबसे ऊंचा अलर्ट स्तर है। इसके अलावा माउंट सेमेरू, माउंट मेरापी, लेवोटोबी लाकी-लाकी और सिनाबुंग भी अलर्ट लेवल-3 पर हैं। रविवार को माउंट सेमेरू में भी विस्फोट हुआ। इससे ज्वालामुखी की चोटी से करीब 1 किलोमीटर ऊपर तक राख का गुबार पहुंच गया। ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी PVMBG ने लोगों को इसके क्रेटर से कम से कम 5 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने गर्म राख और लावा के बहाव को लेकर भी चेतावनी दी है। अभी सुनामी का खतरा नहीं अधिकारियों के मुताबिक, अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं है। यह ज्वालामुखी उस जगह के पास बना है, जहां कभी क्राकाटोआ नाम का ज्वालामुखी था। 1883 में क्राकाटोआ में हुए भीषण विस्फोट के बाद सुनामी आई थी। इसमें 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 2018 में अनाक क्राकाटोआ के विस्फोट से भी सुनामी आई थी। इसमें जावा और सुमात्रा द्वीपों पर 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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