World News: एशिया में बढ़ती MQ-9 तैनाती, चीन के लिए क्यों बड़ी चुनौती बना अमेरिकी ड्रोन – INA NEWS

अमेरिका चीन के आसपास अपने MQ-9 रीपर ड्रोन की तैनाती तेजी से बढ़ा रहा है. इससे चीन के लिए नई सुरक्षा चुनौती पैदा हो गई है. MQ-9 एक ऐसा ड्रोन है, जो जासूसी भी कर सकता है और जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकता है. इसका इस्तेमाल 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या जैसे बड़े ऑपरेशन में हुआ था. यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी निगरानी सिस्टम का अहम हिस्सा है.

चीनी मिलिट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस ड्रोन की सबसे बड़ी ताकत इसकी 15,240 मीटर (50,000 फीट) तक उड़ान भरने की क्षमता, लंबी दूरी तक लगातार उड़ान और कम दिखाई देने वाली तकनीक है. इससे अमेरिका चीन की सीमा से दूर रहकर भी उसके आसपास निगरानी कर सकता है. इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 480 किमी प्रति घंटा है. यह 27 घंटों तक लगातार हवा में रहकर बड़े इलाके की निगरानी कर सकता है.

MQ-9 रीपर ड्रोन की खासियत

यह ड्रोन सस्ता और लंबे समय तक काम करने वाला है. यह लक्ष्य मिलते ही तुरंत हमला भी कर सकता है. इसमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, हाईटेक सेंसर और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम लगे होते हैं, जिससे यह रियल टाइम में जानकारी भेज सकता है. MQ-9 लेजर-गाइडेड बम और मिसाइल जैसे हथियार ले जा सकता है. जनवरी में नए वैरिएंट MQ-9B सी गार्डियन मॉडल में ऐसा सिस्टम जोड़ा गया, जो पहले से दोगुने सोनाबॉय गिरा सकता है. ये उपकरण समुद्र में पनडुब्बियों का पता लगाने के काम आते हैं.

किन देशों ने MQ-9 ड्रोन तैनात किए

अमेरिका ने जापान के ओकिनावा स्थित कडेना एयर बेस पर 14 MQ-9 तैनात किए हैं. दक्षिण कोरिया के कुनसान एयर बेस और फिलीपींस के बासा एयर बेस पर भी इनकी तैनाती की गई है. यहां से पूर्वी चीन सागर, ताइवान स्ट्रैट और दक्षिण चीन सागर पर लगातार नजर रखी जा सकती है.

अमेरिका अपने सहयोगी देशों को भी ये ड्रोन दे रहा है. जापान आने वाले सालों में MQ-9B और सी गार्डियन खरीदेगा. ताइवान ने 4 ड्रोन मंगवाए हैं. भारत ने 2020 के बाद 2 ड्रोन लिए और 2024 में 31 और ड्रोन खरीदने का 3.5 अरब डॉलर का समझौता किया. दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी इस तकनीक की पेशकश की गई है.

चीन के लिए क्यों खतरे की बात?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन ड्रोन के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगी चीन के खिलाफ एक साझा निगरानी नेटवर्क बना रहे हैं. हालांकि चीन के पास एयर डिफेंस मिसाइल, लेजर हथियार और अपने मॉडर्न ड्रोन मौजूद हैं. फिर भी शांति के समय टकराव से बचते हुए जवाब देना चीन के लिए बड़ी चुनौती है.

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एशिया में बढ़ती MQ-9 तैनाती, चीन के लिए क्यों बड़ी चुनौती बना अमेरिकी ड्रोन


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