World News: सटीक जानकारी और मूवमेंट पर नजर… पाकिस्तान के बन्नू आत्मघाती हमले को इस तरह दिया गया अंजाम – INA NEWS

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में शनिवार (21 फरवरी) को सुरक्षाबलों के काफिले पर बड़ा हमला हुआ. बताया जा रहा है कि ये हमला सराय दरगाह इलाके में हुआ. इस हमले में 5 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गुल फराज भी शामिल हैं. इस घटना से हड़कंप मच गया. पख्तूनख्वा प्रांत में लगातार हो रहे हमले पाकिस्तान के लिए चिंता का सबब बन गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, यह हमला एमबीआईईडी (मोटरसाइकिल बेस्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए किया गया. हमले में क्विक रिएक्शन फोर्स (QRF) के चार जवान भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है.

अधिकारी समेत कई सुरक्षाकर्मी जख्मी

सूत्रों के अनुसार, बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल शहज़ादा गुल फराज खुद ऑपरेशन की अगुवाई कर रहे थे. वह एक आर्मर्ड एमआरएपी (माइन रेसिस्टेंट एंबुश प्रोटेक्टेड) वाहन में सवार थे. बताया जा रहा है कि जैसे ही लेफ्टिनेंट कर्नल वाहन से नीचे उतरने वाले थे, उसी समय मोटरसाइकिल आधारित आईईडी (MCBIED) को एमआरएपी के साइड में टकराया गया. इसके तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ. धमाका इतना तेज था कि मौके पर ही अधिकारी समेत कई सुरक्षाकर्मी हताहत हो गए.

बेहद सटीक और योजनाबद्ध हमला

रक्षा सूत्रों का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था और यह कोई रैंडम अटैक नहीं था. हमलावरों को काफिले के मूवमेंट की सटीक जानकारी थी.टारगेटिंग बेहद सटीक तरीके से की गई. आशंका जताई जा रही है कि हमले से पहले रियल टाइम सर्विलांस और इंटेलिजेंस (SIR) का इस्तेमाल किया गया. जानकारों का मानना है कि इस तरह का हमला दिखाता है कि हमलावरों ने सैन्य स्तर की सटीकता और समन्वय के साथ कार्रवाई की है. इससे साफ है कि सुरक्षा बलों की मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही थी.

बढ़ती चुनौती

बन्नू और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों पर हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है. इस ताजा हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और हमलावरों की तलाश जारी है.

साल 2026 की शुरुआत से अब तक हालात चिंताजनक

पाकिस्तान में साल की शुरुआत से ही हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. 1 जनवरी से 21 फरवरी 2026 के बीच पाकिस्तान में सुरक्षाबलों पर हमलों की घटनाओं में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है.कुल 135 से ज्यादा आतंकी/उग्रवादी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें करीब 135 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है. वहीं पाकिस्तानी सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के 253 से ज्यादा कर्मियों की मौत हुई है.

इधर सुरक्षा बलों के दावे के मुताबिक 324 से ज्यादा उग्रवादी मारे गए. वहीं सूत्रों की मानें तो जनवरी के आखिर और फरवरी की शुरुआत में बलूचिस्तान में हुए हमलों में भी कई सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, जिनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

बढ़ते हमले और मनोवैज्ञानिक दबाव

खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तान के सुरक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ा दिया है. केपी में फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस कर्मियों के अपहरण और हत्या की घटनाएं, बलूचिस्तान में समन्वित और टारगेटेड हमले.यहां तक कि छुट्टी पर गए सुरक्षाकर्मियों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं.इन हालातों ने पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के भीतर चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.

भारत के लिए सतर्क रहने की जरूरत

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के भीतर बढ़ते दबाव और अस्थिरता के बीच भारत को भी सतर्क रहने की जरूरत है. इतिहास गवाह है कि आंतरिक संकट के समय पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ उकसावे या आतंकी गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है.

सटीक जानकारी और मूवमेंट पर नजर… पाकिस्तान के बन्नू आत्मघाती हमले को इस तरह दिया गया अंजाम


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