World News: अंकारा नहीं, अब ओमान में शांति बैठक…ईरान ने रातों-रात क्यों बदला वेन्यू? – INA NEWS

अमेरिका के साथ शांति समझौते पर बातचीत से पहले ईरान ने बड़ा दांव खेला है. ईरान ने वार्ता स्थल को तुर्की की राजधानी अंकारा की बजाय ओमान करने के लिए कहा है, जिसे अमेरिका मान गया है. शुक्रवार (6 फरवरी) को अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर के साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मस्कट में डील पर बात करेंगे.
दिलचस्प बात है कि तुर्की ने ही ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू करने की कवायद की थी, लेकिन ईरान ने अब उसे ही झटका दे दिया है. सवाल उठ रहा है कि अंकारा की बजाय ईरान ने मस्कट को वार्ता स्थल के रूप में क्यों चुनने का फैसला किया है?
तुर्की में बातचीत क्यों नहीं करना चाहता ईरान?
1. तुर्की नाटो कंट्री है. नाटो गठबंधन में अमेरिका भी शामिल है. ऐसे में ईरान कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है. किसी भी सूरत में ईरान को तुर्की से फेवर की उम्मीद नहीं है. पहले भी तुर्की ईरान से अमेरिका के समाने सरेंडर करने के लिए कह चुका है. ईरान स्थिति को अब और तनावपूर्ण नहीं बनाना चाहता है.
1. तुर्की ईरान का प्रतिद्वंद्वी देश रहा है. तुर्की ने समझौते के लिए अरब देशों को भी निमंत्रण दे रखा था. अगर अरब कंट्री इस बातचीत में शामिल होते तो समझौते की शर्तें बढ़ सकती थी. जगह बदलकर ईरान ने ये बता दिया कि बातचीत सामूहिक तौर पर नहीं होने वाली है. ओमान की बैठक में अमेरिका को ही सिर्फ आमंत्रित किया गया है.
2. तुर्की ने यह प्रस्ताव दिया था कि ईरान अपना यूरेनियम अंकारा भिजवा दे. ईरान के पास 440 किलो संवर्धित यूरेनियम है, जिससे कम से कम 40 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं. ईरान यह यूरेनियम रूस शिफ्ट करने की तैयारी में है. अगर अमेरिका उस पर ज्यादा दबाव डालेगा, तो उसे रूस शिफ्ट किया जा सकता है.
3. खाड़ी में ओमान की किसी भी देश से कोई लड़ाई नहीं है. तुर्की की लड़ाई कुर्द्स बलों से है. ईरान क्षेत्रीय रणनीति को साधने के लिए यह फैसला किया है. इसके अलावा ओमान में ट्रंप परिवार का बिजनेस है. ओमान खाड़ी के पास ही यूएसएस अब्राहम को अमेरिका ने तैनात कर रखा है.
अंकारा नहीं, अब ओमान में शांति बैठक…ईरान ने रातों-रात क्यों बदला वेन्यू?
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