आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया में दो अभ्यर्थियों ने फर्जी तरीके से कम आय का प्रमाणपत्र जारी कराकर बीपीएल श्रेणी के तहत नौकरी हासिल कर ली। मामले की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इन नियुक्तियों और संबंधित आय प्रमाणपत्रों को रद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दोषी लेखपालों पर भी विभागीय कार्रवाई के लिए कहा है।
जिलाधिकारी के पास जनसुनवाई के दौरान यह शिकायत पहुंची थी कि कई लोगों ने पात्रता श्रेणी में न होने के बावजूद फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हथिया ली है। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने संबंधित एसडीएम से इसकी जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। खंदौली ब्लॉक के उजरई जाट निवासी गौरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उजरई जाट और उजरई पड़ाव, दोनों आंगनवाड़ी केंद्रों पर भर्ती के दौरान फर्जी आय प्रमाणपत्र बनवाकर अयोग्य महिलाओं को बीपीएल श्रेणी में शामिल कर उनका चयन कर लिया गया है।
जांच में यह शिकायत सही साबित हुई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले में अभी कई अन्य शिकायतों पर भी जांच चल रही है।